*ब्लाक कुठौंन्द के ग्राम पंचायत अधिकारियों( सचिवों )ने फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन को लगाया ठिकाने,जे. ई. आर.ई.एस ने चहेती फर्मो को फिक्स कमीशन देकर करवा लिए भुगतान*
ब्लाक कुठौंन्द के ग्राम पंचायत अधिकारियों( सचिवों )ने फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन को लगाया ठिकाने,जे. ई. आर.ई.एस ने चहेती फर्मो को फिक्स कमीशन देकर करवा लिए भुगतान
उरई/ जालौन – खण्ड विकास कार्यालय कुठौंद में तैनात जे. ई. आर.ई.एस ने ” राम नाम की लूट है लूट सको तो लूट ” की तर्ज पर गाँवो में विकास कार्य के लिए आये पैसे का बंदरबांट कर जिम्मेदारों को भी हाजमोला की गोली खिला कर हजम कर लिया है ! बताते चलें कि 25 दिसंबर20 के बाद प्रधानों के कार्यकाल समाप्त हो जाने कारण एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया गया था। साथ ही उनको वित्तीय अधिकार भी दिए गए थे ! वित्तीय अधिकार मिलते ही एडीओ पंचायत व सचिवों ने ग्राम पंचायतों में भृस्टाचार का खेल खेलना शुरू कर दिया। नतीजन बिना कार्य कराए ही जे. ई. आर.ई.एस की मिलीभगत से करोड़ो रूपये के भुगतान चुनिंदा चहेती फर्मो को कर दिया गया है ! किसी ग्राम पंचायत में ड्रोन कैमरे से फीडिंग के नाम पर , किसी पंचायत में विद्यालयों की रँगाई पुताई के नाम पर , किसी पंचायत में मरम्मत व हैडपम्प रीबोर के नाम पर करोड़ो रूपये का भुगतान चहेती फर्मों के खातों में करके बंदरबांट कर लिया है ! आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास , पंचायती राज मंत्री , मंडलायुक्त झाँसी ,जिलाधिकारी जालौन को उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाकर दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही के लिए पत्राचार किया है !