सेवा ही सर्वोपरि होती है। राजनीति में किसी से द्वेष-भाव नहीं रखना चाहिए, जनता के मत को सिर माथे स्वीकार करना चाहिए। राजनीति सेवा के लिए की जाती है, राजनीति का मकसद भी सिर्फ सेवा और सेवा ही होनी चाहिए। यह बात सामाजिक एकता उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष/वरिष्ठ समाजसेवी अभिमन्यु सिंह डिम्पल “दद्दा” नदीगांव ने कही। अभिमन्यु सिंह डिम्पल दद्दा ने कहा कि उनका हमेशा ही मकसद सिर्फ सेवा और सेवा ही है। उन्होंने कहा चुनाव तो आते जाते हैं लेकिन जिस जनता ने तुम्हे चुना है तो आपका भी परम दायित्व बनता है कि उस जनता के लिए अपने दरवाजे 24 घण्टे खुले रखें, उसकी आवाज आपकी आवाज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की जनता अपने चुने हुए सेवक से दुःखी रहती है तो याद रखना कि वह क्षेत्र तो कभी उन्नति नहीं कर सकता है साथ ही चुने हुए जनप्रतिनिधि भी कभी उन्नति नहीं कर सकते। नदीगांव की बेहतरीन गौशाला के संचालन पर उनके योगदान के बारे में पत्रकारों द्वारा पूंछे गए एक सवाल के जबाब में उंन्होने सवालिया लहजे में कहा कि इसमें मुझे श्रेय दिया जाना मेरे हिसाब से ठीक नहीं है, उन्होंने कहा कि उंन्होने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो कुछ अलग हो। उन्होंने कहा कि हम अपने पूर्वजों के द्वारा दिये गए संस्कारों पर चल रहे हैं, उनके द्वारा दी गयी शिक्षा पर जीवन पर्यन्त चलूंगा। उन्होंने कि हमारे पूर्वज भी गौ माता को सुबह रोटी देते थे उनकी सेवा करते थे वही वह कर रहे हैं। उंन्होने कहा कि अपने को सौभाग्यशाली समझते हैं कि सैकड़ों गायों की देखभाल और उनकी सेवा पूजा करने का अवसर उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि हम तो सभी लोगों से कहेंगे कि वह भी गौमाता की सेवा करें, निश्चित ही बहुत बड़ा पुण्य लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नदीगांव क्षेत्रवासियों का वह ह्रदय से आभार प्रकट करते हैं जो मुझसे बहुत ही स्नेह रखते हैं और मुझ पर अपना विश्वास जताते हैं। अंत में जब उनसे ब्लाक प्रमुख पद के लिए उम्मीदवारी के सम्वन्ध में सवाल पूंछा गया तो उन्होंने हंसते हुए कहा अभी वह इस सम्वन्ध में कुछ नहीं कहेंगे जनता ने उन पर विश्वास करके निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य बनाया है अगर क्षेत्र की जनता उनसे इस पद लायक समझेगी तो जनता का निर्णय सिर माथे स्वीकार किया जायेगा लेकिन अभी इस सम्वन्ध में कुछ कहना जल्दबाजी होगा। इस मौके पर उनके साथ परमाल सिंह भी मौजूद रहे।