*संविधान के रचयिता भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर गरीबों एवं शोषितों के सच्चे हितैषी थे।रिपोर्ट, कृष्ण कुमार*
गरौठा झांसी।। संविधान रचयिता गरीबों शोषितों के मसीहा भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 130 वी जयंती बीएसपी कार्य कर्ताओं द्वारा ग्राम पहरा में मनाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि नरेंद्र बौद्ध तुलाराम अहिरवार ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं पर मौजूद वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला जिसमें उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने ऊंच-नीच छुआछूत जैसी कुरीतियों का जमकर विरोध किया। उन्होंने इंसान को इंसान के बराबर का दर्जा देने के लिए संविधान में कानून बनाया उनके बताए मार्ग पर चलकर ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है समाज में मानवता की स्थापना हो तभी उनके द्वारा किए गए संघर्ष फलीभूत होंगे। इसके साथ ही बाबा साहेब संविधान रचयिता के साथ प्रख्यात वकील व समाज सुधारक थे। इसके साथ ही उनमें गांधीजी का सपना और महात्मा बुद्ध की करुणा थी वहीं उन्होंने कहा की बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती को ज्ञान एवं समानता दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि बृजेंद्र कुमार बौद्ध तुलाराम अहिरवार अमन बौद्ध जितेंद्र पहरा सत्येंद्र अनिल राज नरेंद्र सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।