*ग्राम प्रधान एवं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही नहीं दे रहे गौशालाओं पर कोई ध्यान*
*प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के आदेशों का नहीं हो रहा है बिल्कुल पालन*
*विकास खण्ड कोंच के ग्राम बरोदा कलाँ के समाजसेवियो ने उठाया गौवंशों के भोजन का स्वयं जिम्मा*
*इस नेक कार्य की हो रही क्षेत्र मे खूब प्रशंसा*
*कोंच(जालौन)* कोंच तहसील के ग्राम बरोदा कलाँ मे एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है जहाँ पर ग्रामके कुछ समाज सेवी /गौभक्त गौशाला मे बंद भूंखे प्यासे गौवंशो को प्रतिदिन खाने के लिए भोजन का प्रबंध करते है पीने के लिए पानी की व्यवस्था करते है जिससे की जो गौवंशज गौशाला में बंद है उनको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े प्रतिदिन दाना पानी दिया जा रहा है लोगो ने बतलाया है कि इस समय सर्दी चरम सीमा पर है और गौशाला में कोई भी व्यबस्था न होने के कारण गौवंशज मरने की कगार पर है और सरकारी जिम्मेदार लोगो की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही दिखाई दी तब उन सभी ने मिलकर एक कमेटी का गठन किया और प्रस्ताव रखा की प्रतिदिन कुछ समय निकालकर गौमाता के लिए खाने पीने की व्यवस्था की जायेगी पूछने पर बताया गया कि वर्तमान ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव के द्वारा कोई सहायता अब तक नही मिली है। चुनाव नजदीक है प्रधान पद भंग होने के बाद से अधिकार पंचायत सचिव के आधीन है परंतु उनके द्वारा कोई सहायता नही दी जा रही है। पहले सचिव अपना तो पेट भर ले तब वह जानवरो को दे अगर सरकार या जिम्मेदारों की तरफ से कोई सहायता नही भी मिलती है तब भी ये कार्य इसी प्रकार चलता रहेगा।इस मौके पर श्याम सुंदर पटेल, हरपाल सिंह परिहार, केदार नाथ यागिक, बनमाली पटेल, बीरेंद्र सिंह बुंदेला, सुरेश पटेल, द्वारिका प्रजापति सिया शरण सोनी, हर्देश कुशवाहा, दीपू पटेल, जय प्रकाश सोनी, किशना परिहार आदि लोग मौजूद रहते है। गांव वालो की इस नेक पहल से क्षेत्र में खूब प्रशंसा की जा रही है और स्थानीय लोग ग्राम प्रधान, सचिव/सेकेट्री को कोसने पर मजबूर हो रहे है।