ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर के जराखर गांव स्थित कैलारा तालाब जलकुंभी से पटा पड़ा है। जिसमें मच्छरों का डेरा ग्रामीणों का चैन हराम किये हुए है। मच्छरों से परेशान ग्रामीणों ने इस तालाब की सफाई का बीड़ा उठाया। रविवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर अथक प्रयास करते हुए तालाब की साफ सफाई की।
जराखर गांव के मध्य तालाब कैलारा में खतरनाक घास जलकुंभी पर चला सफाई अभियान। यह घास मच्छरों की फैक्ट्री बन चुकी है जिससे सारा गया परेशान है गांव बिना बिजली के रात्रि में सो नहीं पाता। मच्छरों के काटने से ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया बुखार तथा तालाब के पानी के प्रयोग से एलर्जी, त्वचा रोग की बीमारी फैलने के खतरे हैं। गाय भैंस के तालाब में फंसने पर निकालने वालों को त्वचा में एलर्जी हो चुकी है जो भी जानवर गलती से इसमें चला जाता है वह दिखाई नहीं देता और मरने के बाद में दुर्गंध आने पर उसकी जानकारी होती है इस घास के प्रभाव से तालाब दिखाई नहीं देता और जानवर इसे खाने के लिए गलती से चले जाएं तो वह काल के गाल में समा जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया।