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रानी लक्ष्मीबाई जयंती पर किया कुछ ऐसा कार्य, बदल सकती है गाॅव की सूरत : रिपोर्ट-धीरेन्द्र रायकवार

मोंठ/झाँसी – मोंठ ब्लॉक के ग्राम अमरोख में नेहरु युवा मंडल के महिला मंडल द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें समाज सेवी शिखा नामदेव ने रानी लक्ष्मीबाई व इंदिरा गांधी की जयंती मनाई। जिसमें एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी के माध्यम से अपने गांव को एक स्वच्छ गांव बनाने को लेकर युवा पीढ़ी को स्वच्छता का संदेश दिया। गाॅव में तिरंगा लेकर तिरंगा भी फहराया गया। जिसमेंं स्वच्छता को लेकर पूरे गांव में लोगों को स्वच्छ गांव करने के लिए संदेश दिया गया। जिसमें उन्होंने अगले महीने से शौचालय के लिए घर-घर जाकर लोगों को जागरुक करने के लिए युवा पीढ़ी के बच्चों से सहयोग माॅगा एवं समाज सेवी ने कहा कि अगर गांव में किसी गरीब व्यक्ति के पास शौचालय नहीं है तो वह उन से आकर संपर्क करें।जिससे सरकार द्वारा चलाई जाने वाली स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जो शौचालय बनवाए जाते हैं। वह गरीब जनता के लिए ही सरकार द्वारा योजनाएं चलाई जाती हैं  और अगर किसी व्यक्ति के पास शौचालय नहीं है तो वह संपर्क करें वह गरीब लोगों को शौचालय सरकार द्वारा जरूर बनवाएंगी। उन्होंने युवा पीढ़ी व ग्रामीण लोगों को समझाते हुए कहा कि जब गांव में किसी भी नवयुवक की शादी होती है तो परिजन बड़े ही धूमधाम से लाखों रुपए खर्च करके अपने बच्चे की शादी करते हैं लेकिन वही परिजन यह भूल जाते हैं कि शायद उनके घर में महज ₹15000 की लागत से बनाए जाने वाला एक शौचालय नहीं है। जब बहू अपने मायके से विदा होकर अपनी ससुराल आती है। तो गांव में चली आ रही प्रथा के कारण कहाँ जाता है कि गांव में वह तुम्हारे ससुर है। वह तुम्हारे जेठ है और भी फला फला रिश्तों का वास्ता दिया जाता है। और बहू को मुंह ढक के कुछ इस तरीके के गांव में जो प्रथाए है। लेकिन वही परिजन यह प्रथा निभाने में तो अपना समय बर्बाद करते हैं और अगले ही दिन घर आई बहू को बाहर खुले मैदान में शौच के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह झूठी शान और यह गांव की झूठी प्रथाएं छोड़कर लोग अपने घर में शौचालय जरूर बनवाएं। इस मौके पर कार्यक्रम में आराधना नामदेव दीपिका नामदेव भारत उमाशंकर संगीता पाल पूजा नेहा सपना खुशी पायल कुमकुम नीलम प्रियांशु अंशु विकास राजबहादुर अजमेर सिंह आदि उपस्थित रहे अंत में कार्यक्रम का संचालन कृष्णबिहारी पांचाल ने किया।

रिपोर्ट -धीरेन्द्र रायकवार मोंठ

 
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