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साहब : वाल पुष्टाहार के नाम पर 300,300 रू की ऐ महिला अधिकारी करती है माॅग, प्रशासन ध्यान दें : रिपोर्ट-धीरेन्द्र रायकवार

मोंठ/झाँसी – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों को कुपोषण से दूर रखा जाये। जिसके लिए प्रदेश में बाल विकास योजना चलाई गई थी। जिसके तहत गांव गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र को बनाया गया था जिससे कुपोषण दूर हो सके और बच्चे हैल्थी हो, लेकिन यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी बच्चों की जगह अपनी हेल्थ बनाती नजर आ रही है। मोंठ ब्लाॅक के आंगनवाडी कार्यालय की बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से बाल पोषाहार के बदलेे रुपयेे माॅग की जा रही थी। जिसकों आंगनवाडी कार्यकत्रियो का गुस्सा फूूट पड़ा और कहासुनी होने लगी। जिस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी विद्या घोष ने आगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जातिसूचक गालियां तक दे डाली, जानकारियां अनुसार बताया जा रहा है कि आंगनवाडी कार्यकत्री हर महीने आठ बोरी के बदले 300 रू सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी को देती थी आज उसी क्रम में उन्होने रूपये की माॅग की और रुपए बढ़ाकर देने की बात कही जिस पर कार्यकत्रिंयो और सुपरवाइजर में विवाद होने लगा। जब इस पूरे मामले की बातचीत कार्यकत्रियों से की तो उनका कहना है कि वह 8 बोरी के बदले 300 रूपये हर महिने देती थी। रुपये न देने पर आंगनवाड़ी केंद्र चेक करने के बहाने ब्लैक मेल करती है और बेवजह तंग किया जाता था। वही आंगनबाड़ी कार्ययात्रियों का कहना है कि वह हर महीना बाल विकास परियोजना अधिकारी विद्या घोष व सुपरवाइजर को रुपए देती थी। वही बाल विकास परियोजना अधिकारी विद्या घोष से तंग आकर आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उप जिलाधिकारी बान्या सिंह को लिखित रुप से शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि बाल विकास पुष्टाहार उठाने नहीं के लिए जब वह आंगनवाड़ी कार्यालय पर जाती हैं तो उनसे बोरियों के बदले में  ₹300 की मांग की जाती है व जातिसूचक गालियां का भी प्रयोग किया जाता है कहा जाता है कि अगर तुम रुपए नहीं दोगी तो बाल पुष्टाहार नहीं उठाने दूंगी। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया तो उनसे कहा गया कि केंद्र पर नहीं आ पाओगी और वेतन का रुपया काट दिया जाएगा।

रिपोर्ट -धीरेन्द्र  रायकवार मोंठ

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