कारागार आत्ममंथन और आत्मसुधार का अवसर : अपर जिला जज
*जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केवल विधिक सहायता तक ही सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत
आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी की ओर से जिला कारागार झांसी में बंदियों के पुनर्वास एवं मानसिक स्वास्थ्य सुधार हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. राज ने नेचुरोपैथी की सहायता से बंदियों को परामर्श प्रदान किया। इसमें बंदियों को डिप्रेशन, एंग्जाइटी एवं अपने अतीत की कटु स्मृतियों को भूलकर जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर माननीय अपर जिला जज एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी श्री शरद कुमार चौधरी ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा “कारागार आत्ममंथन और आत्मसुधार का अवसर है, यदि बंदी इस अवसर का सही उपयोग करें तो वे अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं और समाज में नई पहचान के साथ पुनः स्थापित हो सकते हैं।” इसके अतिरिक्त, ऑल इंडिया पैग़ाम-ए-इंसानियत एनजीओ की ओर से बंदियों को स्लीपर (जूते) वितरित किए गए, जिससे उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग मिला।
कार्यक्रम में जिला कारागार झांसी के अधिकारीगण, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक श्री आदिल जाफरी भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केवल विधिक सहायता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत है।