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पैरा बैडमिंटन में दुनिया भर में नाम रोशन करने पर स्वाति को डॉ० संदीप ने किया सम्मानित

ByNeeraj sahu

Sep 9, 2025

पैरा बैडमिंटन में दुनिया भर में नाम रोशन करने पर स्वाति को डॉ० संदीप ने किया सम्मानित

झाँसी। पैरा खेल विश्व के उन अद्भुत और प्रेरणादायक खेल आयोजनों में से एक है, जिसमें शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग खिलाड़ी भाग लेते हैं। पैरा गेम्स का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी क्षमताओं को दिखाने, खेल के माध्यम से समाज में समानता और सम्मान स्थापित करने का अवसर प्रदान करना है। इसी तरह की एक पैरा खिलाड़ी झांसी मंडल के जालौन जनपद स्थित ग्राम अमीटा से हैं जिन्होंने अपनी शुरुआत इंदिरा स्टेडियम जालौन से की और 2022 में स्टेट लेवल पर पैरा बैडमिंटन में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता, इसके बाद अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 2024 में अंतर्राष्ट्रीय पैरा गेम्स में युगांडा में दो कांस्य पदक जीते। तत्पश्चात उन्होंने 2025 में एशियाई चैंपियनशिप के अंतर्गत थाईलैंड में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, 2025 में ही इन्होंने युगांडा में पैरा बैडमिंटन में भाग लेकर एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। पैरा गेम्स में दुनिया भर में झांसी मंडल का नाम रोशन करने पर संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पर स्वाति को सम्मानित किया गया। स्वाति बुंदेलखंड विकलांग विकास समिति, झाँसी अध्यक्ष मोहम्मद शायर, कोषाध्यक्ष अशोक व अपने परिजनों के साथ संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पहुंची जहां तिलक व माल्यार्पण कर उनका स्वागत व प्रशस्ति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वाति के पिता कमलेश कुमार और माता शकुंतला देवी भी उपस्थित रहीं स्वाती ने कहा आज वे जिस स्तर पर पैरा गेम्स में अपना प्रदर्शन कर पा रही हैं उसमें उनके माता-पिता का विशेष योगदान रहा है और आगे भी वे पारा गेम्स में अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करने का प्रयास करती रहेंगी, उनका सपना है कि वे पैरा ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर डॉक्टर संदीप ने कहा पैरा गेम्स केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता, धैर्य, और हार न मानने की अवधारणा का प्रतीक है। पैरा खिलाड़ियों ने हमें यह सिखाया है कि चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी हों, अगर इरादा मजबूत हो तो कुछ भी असंभव नहीं। हाल के वर्षों में हमारे पैरा एथलीटों ने विश्व स्तर पर कई पदक जिते हैं, जो न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी प्रेरणा का स्रोत हैं। भारत सरकार और पैरालंपिक समिति के प्रयासों से पैरा खेलों को अब बेहतर समर्थन मिल रहा है, जिससे आने वाले समय में और भी अधिक सफलता सुनिश्चित है। पैरा गेम्स यह संदेश देते हैं कि सीमाएँ केवल मन की होती हैं, और यदि हम दिल से कुछ करने का संकल्प लें तो दुनिया की कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। इस अवसर पर संदीप नामदेव,अनुज प्रताप सिंह, नवीन गुप्ता ( मंडला अध्यक्ष लायंस क्लब इंटरनेशनल) रवि राय ,मनीष गुप्ता, अख्तर खान,शाहरुख खान,सूरज वर्मा ,दीक्षा साहू, मुस्कान विश्वकर्मा ,राहुल रैकवार राकेश सेन, सुशांत गुप्ता, वसंत गुप्ता कमलेश कुमार ,शकुंतला देवीआदि उपस्थित रहे।

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