सशक्त होने का एकमात्र साधन शिक्षा ही है :० ज्योति सिंह
बोले सीओ देवेन्द्र कुमार पचौरी, अर्जित ज्ञान में जहां भी खालीपन है उसे अनुभव से भरने का करें प्रयास करें
बद्री प्रसाद कॉलेज ऑफ ग्रुप में तीसरे दिन हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रशासनिक अधिकारियों ने दिए गए खेलकूद प्रतियोगिताओं के पुरस्कार
जालौन :० कोंच में सेठ बद्री प्रसाद ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में 13वें युवा महोत्सव और वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं के तीसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन हुआ और दो दिन की खेलकूद प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कॉलेज सभागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम कोंच ज्योति सिंह, विशिष्ट अतिथि सीओ कोंच देवेंद्र कुमार पचौरी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाल अरुण कुमार राय, कॉलेज के डायरेक्टर आशुतोष हूंका मंचस्थ रहे। पिछले दो दिनों में आयोजित की गईं खेलकूद प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को अतिथियों ने मंच के माध्यम से पुरस्कृत किया। एसडीएम ने अपने उद्बोधन में कहा, किसी भी व्यक्ति के सशक्त होने का एकमात्र माध्यम शिक्षा ही है इसलिए विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम करना पड़ेगा तभी वह अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। इच्छा शक्ति को कभी भी कमजोर नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि आदमी को अपनी संस्कृति कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने अब्दुल कलाम आजाद को उद्धृत करते हुए कहा, अगर सूरज की तरह चमकना है तो उसकी तरह तपना भी पड़ता है। सीओ देवेंद्र कुमार पचौरी ने कहा, शिक्षा के मंदिरों में अर्जित ज्ञान में जहां कहीं भी खालीपन नजर आए तो उसे अपने अनुभव और प्रयोगों से भरने का प्रयास करें तभी जीवन में सफलता के नए-नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। एमबीबीएस डॉक्टर होने के नाते उन्होंने फार्मेसी के विद्यार्थियों को टिप्स देते हुए कहा, ‘हम नए युग में हैं जहां एलोपैथी के साथ आयुर्वेद के बेहतर समन्वय की जरूरत है।’ कोतवाल अरुण कुमार राय ने भी शिक्षा के साथ साथ खेलों को भी जरूरी बताते हुए कहा कि बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए दोनों जरूरी हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन मृदुल दांतरे, अमन सक्सेना और मनस्वी ने संयुक्त रूप से किया। कॉलेज के डायरेक्टर आशुतोष हूंका ने अतिथियों का शाब्दिक स्वागत किया एवं प्राचार्या डॉ. सावित्री गुप्ता ने सभी का आभार जताया। इस दौरान नीलम गुप्ता, ज्योति नीखरा, अनुष्का, आरती, ऊषा सिंह, रंजना, संध्या, स्वाति, धीरज गुप्ता, अटल अग्रवाल, अखिलेश सेठ, मनोज, उमेश नारायण पाठक, कोऑर्डिनेटर कन्हैया नीखर, प्रभारी प्राचार्य ब्रजेंद्र सिंह, मनोज श्रीवास्तव, प्रतियोगिता संयोजक डॉ. सरताज खान, सह संयोजक राघवेंद्र निरंजन, राधेश्याम, सौम्या सचान, पूनम, धर्मेंद्र, रामदेव, इशांत सिंह, संतोष, सचिन गुर्जर आदि रहे।