जालौन के सला घाट का निरीक्षण, सचिव राजशेखर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए दिशा-निर्देश
जनपद जालौन सला घाट उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव राजशेखर जो नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलपूर्ती विभाग से संबंधित हैं ,ने सला घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एडीएम, एसडीएम, सला घाट के कर्मचारी, एपीएम, बैंक टेश्वर, केमिस्ट परमात्मा ब, इंजीनियर विशाल, आकाश, गणपति सहित अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सचिव राजशेखर ने घाट के संचालन और संबंधित कार्यों की स्थिति की गहनता से जांच की।निरीक्षण के दौरान राजशेखर ने सला घाट पर जलस्तर साफ-सफाई और वहां मौजूद उपकरणों की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को घाट के संचालन को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जलप्रदाय कार्यों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंता जताई और सुधार की दिशा में उचित कदम उठाने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान विशेष ध्यान एपीएम और केमिस्ट परमात्मा ब की कार्यशैली पर दिया गया। राजशेखर ने एपीएम बैंक टेश्वर और केमिस्ट को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें सेवा में सुधार लाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों का कार्य प्रभावी और समर्पित नहीं होता है तो इससे नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और यह विभाग की छवि को भी प्रभावित करता है। इसके साथ ही सचिव राजशेखर ने घाट पर जलप्रदाय और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभा रहे कर्मचारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सला घाट की साफ-सफाई और जल स्रोतों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि वहां आने वाले लोग स्वच्छ वातावरण में पूजा-पाठ कर सकें और कोई भी जल प्रदूषण न हो। सचिव राजशेखर ने यह भी कहा कि विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जलप्रदाय के कार्य में कोई कमी न रहे और जनसामान्य को निर्बाध रूप से जल की आपूर्ति हो सके। निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का स्वागत किया और उन्हें समय-समय पर कार्यों में सुधार लाने का आश्वासन दिया। इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और जो कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतते हैं उन्हें सुधारा जाएगा। इस निरीक्षण से यह संदेश गया कि सरकारी विभागों में कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बढ़ाना अनिवार्य है ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।