महान लोकतंत्र के प्रत्येक नागरिक के लिए अपने धार्मिक ग्रंथ के साथ भारतीय संविधान भी पूज्यनीय: एमएलसी
** एमएलसी डाॅ0 बाबूलाल तिवारी ने दिलाई अधिकारियों को संविधान दिवस पर शपथ
** “स्वतन्त्रता के अमृतकाल” के अवसर पर संविधान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में सम्पन्न
** सम्पूर्ण जनपद में हर्षोल्लास से मनाया गया संविधान दिवस
** मण्डल/जनपद, तहसील, विकास खण्ड, नगरीय निकायों, जिला पंचायतों, क्षेत्र व ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर आयोजित किया गया संविधान दिवस
झांसी: आज शिक्षक विधायक डाॅ0 बाबूलाल तिवारी के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद की अध्यक्षता में संविधान दिवस 26 नवम्बर 2024 को “स्वतन्त्रता के अमृतकाल” के अवसर पर संविधान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया।
संविधान दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संविधान निर्माता भारतरत्न डाॅ0 भीमराव अम्बेेडकर जी के चित्र पर पूर्ण गरिमा के साथ माल्यार्पण किया गया।
इस अवसर पर एम0एल0सी0 द्वारा भारतीय संविधान की महत्ता एवं आज देश के विकास में संविधान के योगदान पर प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि इस महान लोकतंत्र के प्रत्येक नागरिक के लिए अपने धार्मिक ग्रंथ के साथ संविधान भी सभी के लिए पूज्यनीय है।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण देश में स्वतन्त्रता का अमृतकाल मनाया जा रहा है। इस हेतु सम्पूर्ण प्रदेश में वर्ष 2024-25 में वर्ष-पर्यन्त संविधान से सम्बन्धित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाने है।
उन्होने बताया कि भारत के संविधान को अंगीकृत किये जाने की तिथि 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रुप में मनाया जाता है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाने है, जिनका शुभारम्भ आज प्रातः 9.30 बजे से लोक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से किया गया है। शासन स्तर पर लोक भवन मे आयोजित किये जा रहे संविधान दिवस के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण प्रदेश के समस्त जनपदों, नगरीय निकायों, जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित अधिकारियों को शपथ दिलायी गयी कि, “हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिती मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार बृजमोहन अम्बेड, जिला पंचायत राज अधिकारी बाल गोविन्द श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक राजेश कुमार, जिला ग्राम्य विकास अभिकारण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।