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16323कॉफी टेबल बुक पहुंची फॉरेन एम्बेसी और देश के विख्यात प्रशिक्षण संस्थान

ByNeeraj sahu

Oct 6, 2024

जिलाधिकारी के मुख्य आतिथ्य में झांसी की वीरता को प्रदर्शित करने एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “काफी बुक टेबल” पुस्तक वितरण कार्यक्रम का हुआ विकास भवन में आयोजन

** देशी-विदेशी पर्यटक करेंगे बुंदेलखंड की धरोहर का दीदार, जानेंगे बुंदेलखंड की कलाएं, नृत्य और संगीत के साथ पारंपरिक पकवानों की विधाएं

** कॉफी टेबल बुक पहुंची फॉरेन एम्बेसी और देश के विख्यात प्रशिक्षण संस्थान, प्रमुख केंद्रीय मीडिया हाउस एवं अन्य विख्यात गणमान्य नागरिकों के समक्ष

** “कॉफी टेबल बुक” से बुंदेलखंड की ओर आकर्षित होंगे पर्यटक,
बुंदेलखंड में पर्यटन उद्योग होगा विकसित और युवाओं को मिलेगा रोजगार

** कॉफीटेबल बुक के माध्यम से जनपद की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत एवं देव स्थलों को मिलेगी देश-विदेश में पहचान, स्थानीय लोगों को भी मिलेगी जानकारी

** जिलाधिकारी की संकल्पना कॉफी टेबल बुक के माध्यम से बुंदेलखंड में आएं देशी-विदेशी पर्यटक और देखें बुंदेलखंड की विधाएं

** “कॉफी टेबल बुक” जनपद झांसी सहित बुंदेलखंड की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विधाओं की आत्मा

बुन्देलखण्ड मे पर्यटन उद्योग का विकास अगर बुन्देलखण्ड के भूभाग में इसे Development of tourism industry in Bundelkhand सही ढंग से स्थापित हो तो बुन्देलखण्ड पर्यटन की दृष्टि से सबसे आगे होगा। इसी सोच के साथ जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने बुंदेलखंड को पर्यटन हब बनाने की ठानी और जुट गए कॉफी टेबल बुक को मूर्त रूप देने में, अनेकों चुनौतियों को पार करते हुए कॉफी टेबल बुक तैयार हुई।
उक्त उद्गार जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में आयोजित झांसी की वीरता को प्रदर्शित करने एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “कॉफी टेबल बुक” पुस्तक वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड हमें अपने पूर्वजों से और अपने अतीत से विरासत में मिला है। वह हमसे काफी दूर हो रहा है या यूं कहें की हम अपनी संस्कृति और विरासत से दूर हो गए हैं । हमारे पूर्वज जो समय-समय पर अपनी संस्कृति और विरासत अपनी युवा पीढ़ी को सौंपते हैं और वह युवा पीढ़ी अपनी विरासत को आगे बढ़ाती है तभी हम अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में “काफी टेबल बुक” का वितरण विद्यालय के प्रधानाचार्य को करते हुए कहा कि यह एक ऐसी परिकल्पना है जिसे मैंने अपनी मन की आंखों से देखा है। यह एक ऐसा सपना है जिसे मैंने नींद में नहीं जागते हुए देखा है। इस सपने को देखने के बाद मेरी व्याकुलता इतनी बढी और तब से निरंतर प्रयासरत हूं… और आज मैं अपने मकसद में सफल हुआ। उन्होंने बताया मुझे बुन्देलखण्ड की संस्कृति और परम्पराओं की पौराणिक और ऐतिहासिक झलक दिखाई दे रही है, मुझे लगता है कि मै कुछ ऐसा करूँ जिसे नई पीढ़ी देखकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करें कि हमारे पूर्वजों की संस्कृति कितनी समृद्धि थी ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि इस पुस्तक को जिला प्रशासन द्वारा प्रिंट कराया गया है। झांसी के पर्यटन की जानकारी क्षेत्रीय और बाहर के लोगों तक पहुंचाने हेतु इस “कॉफी टेबल बुक” को तैयार किया गया। इस पुस्तक को जिला प्रशासन द्वारा भारत के विख्यात प्रशिक्षण संस्थान, प्रमुख केंद्रीय मीडिया हाउस एवं अन्य विख्यात गणमान्य नागरिकों को उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि झांसी में किले, बांध, जलाशय, विलुप्त होते नृत्य, यहां की प्रसिद्ध संस्कृति की जानकारी के साथ पर्यटन संबंधित ज्ञान विद्यमान है। इस पुस्तक में बिजना के किले के चित्र को अभूतपूर्व तरीके से दर्शाया गया है। जिलाधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि इस बुक की जानकारी एवं बुक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने कहा कि एक और जहां केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों की बढ़ावा दिया जा रहा है। बुन्देलखण्ड का पूरा क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से सम्पन्न है। इसके दृष्टिगत जनपद झांसी पर केन्द्रित “कॉफी टेबल बुक” का प्रकाशन सराहनीय कदम है। इस प्रकाशन मैं जनपद झांसी के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के सम्बन्ध में आकर्षक चित्रों से परिपूर्ण संग्रहणीय सामग्री का समावेश किया गया जो काफी आकर्षक है। उन्होंने उपस्थित प्रधानाचार्य से कहा कि इस पुस्तक को आप सभी अपने स्कूल के पुस्तकालय में सुरक्षित रखकर बच्चों को इस पुस्तक के ज्ञान से आच्छादित कराएं।
कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी सिंह ने कहा कि जनपद झांसी की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की संपूर्ण जानकारी पर्यटकों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही एक कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन किया गया है। कॉफी टेबल बुक में ऐतिहासिक किले उनके आकर्षक फोटोग्राफ सहित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है, इसके अतिरिक्त पर्यटक स्थानों पर कैसे पहुंचे उसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई है रोड और एयर कनेक्टिविटी के बारे में भी विधिवत जानकारी कॉफी टेबल बुक में दी गई है ताकि अधिक से अधिक पर्यटक बुंदेलखंड की धरोहर का दीदार करें। बुंदेलखंड क्षेत्र के पारंपरिक परिधानों और कला जिसमें चितेरी कला की महत्वपूर्ण जानकारी फोटोग्राफ्स के साथ उपलब्ध है।”काफी टेबल बुक” बुंदेलखंड क्षेत्र की कला और हस्तशिल्प को सही मायने में सामने रखती है, जो यह प्रदर्शित करती है कि बुंदेलखंड क्षेत्र की विरासत कितनी समृद्ध और उन्नतिशील है।
उन्होंने उपस्थित प्रधानाचार्य सहित अन्य गणमान्य जनों को जनपद में आने वाले पर्यटकों को इस पुस्तक के बारे में अनिवार्य रूप से बताएं जिससे वह यहां के विकास से परिचित हो सकें।
“कॉफी टेबल बुक” आम जनमानस के लिए नगर की विभिन्न बुक स्टालों पर बिक्री हेतु उपलब्ध है। अधिक से अधिक लोग कॉफी टेबल बुक परचेज करते हुए क्षेत्र की विरासत और समृद्धशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, निदेशक वाणिज्यिक, सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड विशेष रुप से उपस्थित रहे।
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