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स्वच्छता पखवाड़ा-2022”, त्रैमासिक राजभाषा बैठक एवं, रेल रूटीन परिवर्तन किया, रेल सुरक्षा बल द्वारा 38 वां स्थापना दिवस मनाया गया

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Sep 20, 2022

झाँसी l आज दिनांक:20.09.22 को “स्वच्छ पखवाड़े-2022” के अन्तर्गत स्वच्छ रेलगाड़ी दिवस मनाया गया | इस दौरान झांसी मण्डल की एवम मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों एवं कोचो की वृहद स्तर पर अभियान चलाकर साफ़-सफाई करायी गयी । गाड़ियों में सफाई व्यवस्था रेल अधिकारीयों द्वारा परखी गयी तथा आवश्यकतानुसार सफाई स्तर की बेहतरी हेतु निर्देश दिए I इस दौरान मंडल से गुजरने वाली सभी गाड़ियों में सफ़र कर रहे यात्रियों से उनका स्वच्छता सम्बंधित अनुभव प्राप्त करने हेतु फीडबैक भी लिया जा रहा है I स्टेशन यार्ड तथा वाशिंग लाइन आदि में भी श्रमदान कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी I
अवगत कराया जाता है की हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दिनांक: 16.09.22 से 30.09.22 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है | इस दौरान दैनिक रूप से विभिन्न गतिविधियों तथा जागरूकता अभियान नुक्कड़ नाटक, रैली, सभी स्टेशनों पर बैनर, बोर्ड आदि माध्यमों से जनमानस तथा रेलयात्रियों के मध्य स्वच्छता बनाए रखने हेतु सन्देश दिया जा रहा है | इस दौरान श्रमदान करते हुए अनावश्यक घास आदि को काटा जा रहा है तथा विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर सम्पूर्ण रेलवे क्षेत्र को हरित किया जा रहा है | स्वच्छता पखवाड़े के दौरान मंडल के सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, चिकित्सालय, स्वास्थ्य इकाइयों सहित सभी वाटर बूथ तथा खानपान इकाइयों पर भी स्वच्छता तथा गुणवत्ता की जांच की जा रही है | प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील के साथ-साथ सभी को स्वच्छता बनाये रखने हेतु शपथ ग्रहण भी करायी जा रही है | मंडल रेल प्रबंधक द्वारा स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित की जा रही गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है |
यात्रियों से अनुरोध है कि रेल परिसर तथा रेलगाड़ी को स्वच्छ बनाये रखने में रेलवे का सहयोग करे
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय झांसी में त्रैमासिक राजभाषा बैठक एवं राजभाषा प्रश्‍न मंच प्रतियोगिता का आयोजन
आज दिनांक 20-09-2022 को मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष की अध्‍यक्षता में मंडल राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति झांसी की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई । बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यद्यपि झांसी मंडल पर राजभाषा कार्यान्‍वयन की स्थिति संतोषजनक है फि‍र भी मंडल के अधिकारी और कर्मचारियों को एक टीम के रूप में काम करते हुए राजभाषा कार्यान्‍वयन को और सशक्‍त करना होगा । उन्‍होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विभिन्‍न अधिकारीगण अपने रूटीन निरीक्षण के दौरान राजभाषा को भी एक मद के रूप में शामिल करें । उपाध्‍यक्षीय भाषण प्रस्‍तुत करते हुए विवेक मिश्रा अपर मंडल रेल प्रबंधक/इन्‍फ्रा एवं अपर मुख्‍य राजभाषा ने कहा कि झांसी मंडल राजभाषा कार्यान्‍वयन के क्षेत्र में उत्‍तर मध्‍य रेलवे का अग्रणी मंडल है । बैठक के पश्‍चात् राजभाषा पखवाड़ा-2022 के अंतर्गत अधिकारी वर्ग की प्रश्‍न मंच प्रतियोगिता का भी आयोजन किया । इस प्रतियोगिता में अधिकारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया । बैठक का संचालन केशव त्रिपाठी वरिष्‍ठ राजभाषा अधिकारी ने किया l

रेल प्रशासन द्वारा सूचित किया जाता है की गाडी संख्या 02199 वीरांगना लक्ष्मीबाई-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट विशेष गाडी के सञ्चालन समय में दिनांक: 06.10.22 से निम्नानुसार परिवर्तन किया जा रहा है |

गाडी संख्या 02199 वीरांगना लक्ष्मीबाई-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट विशेष गाडी

स्टेशन

वर्तमान समय

संशोधित समय दि: 06.10.22 से

1

वीरांगना लक्ष्मीबाई

प्रस्थान 1700

प्रस्थान 1650

2

दतिया

1722-1724

1712-1714

3

डबरा

1746-1748

1736-1738

(4)

रेल सुरक्षा बल द्वारा 38 वां स्थापना दिवस मनाया गया

रेल राज्य मंत्री ने 23 आरपीएफ कर्मियों को ‘प्रतिष्ठित सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’, मेधावी सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक, ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’, ‘उत्तम जीवन रक्षा पदक’ और ‘जीवन रक्षा पदक’ प्रदान किए। आरपीएफ एनसीआर के हेड कांस्टेबल स्वर्गीय ज्ञान चंद को मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया, जिन्होंने आत्महत्या करने के इरादे से चलती ट्रेन के सामने कूदने वाली एक महिला को बचाते हुए ड्यूटी की वेदी पर अपना जीवन लगा दिया।

मुख्य अतिथि केन्द्रीय रेल एवं कपडा राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जर्दोश ने अकादमी परिसर में 100 फीट ऊंचे स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराया और ट्रेन हस्तक्षेप प्रशिक्षण के लिए इंजन के साथ एक रेलवे कोच की स्थापना का अनावरण और समर्पित किया। अकादमी के पुनर्निर्मित मुख्य हॉल, जो अब वातानुकूलित हो गया है, का भी उद्घाटन मंत्री ने किया। इस अवसर पर आरपीएफ की त्रैमासिक ई-पत्रिका “रेल सैनिक” का एक विशेष “आजादी का अमृत महोत्सव” संस्करण जारी किया गया।
रेल राज्य मंत्री ने दल की शिष्टता, मतदान और मार्च की प्रशंसा की। अपने भाषण में, उन्होंने महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में आरपीएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए मेरी सहेली टीमों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने किसी भी संगठन के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन की प्रमुख भूमिका को रेखांकित किया और आरपीएफ में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 55 करोड़ रुपये की मंजूरी की घोषणा की।

श्रीमती जरदोश ने 3 करोड़ रुपये की लागत से आरपीएफ कर्मियों के परिवार के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं के कौशल के उन्नयन के लिए तीसरी बटालियन आरपीएसएफ, लखनऊ के परिसर में एक कौशल उन्नयन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने देश भर में 75 स्थानों पर महिला आरपीएफ ट्रेन एस्कॉर्टिंग कर्मियों के लिए विश्राम आश्रय सह मोबिलाइजेशन हॉल के निर्माण की घोषणा की।

महानिदेशक, आरपीएफ,संजय चंदर ने मंत्री का स्वागत किया और यात्रियों को एक सुरक्षित ट्रेन यात्रा प्रदान करने के लिए बल द्वारा की गई विभिन्न नई पहलों की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कहा कि आरपीएफ अपने कामकाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है ताकि जनशक्ति का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर मानव तस्करी, नशीले पदार्थों के परिवहन, हवाला मनी, प्रतिबंधित वन्य जीवन और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आरपीएफ सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं, जो 2047 तक चलेगा, जिसके दौरान हमें भारत को उस गौरव के शिखर पर ले जाने के लिए अपने दिल और आत्मा से काम करना होगा । विजन 2047 ऐसे उदात्त आदर्श की ओर रोडमैप है। उन्होंने बल के विजन 2047 का उल्लेख किया जिसमें बल की प्रतिक्रिया, पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी का उपयोग, संसाधन का इष्टतम उपयोग शामिल होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि बल का लक्ष्य सेवा ही संकल्प है और बल के सभी सदस्यों, कांस्टेबल से लेकर डीजी तक, को अपनी सेवा प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा।
रेलवे संपत्ति को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 1957 में संसद के एक अधिनियम द्वारा रेलवे सुरक्षा बल का गठन किया गया था। इसके बाद, बल को 1966 में रेलवे संपत्ति के गैरकानूनी कब्जे में शामिल अपराधियों से पूछताछ, गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया। वर्षों से, यह महसूस किया गया कि बल को “संघ की एक सशस्त्र बल” का दर्जा देने की आवश्यकता है और अंतत: 20 सितंबर 1985 को संसद द्वारा आरपीएफ अधिनियम में संशोधन करके बल को यह दर्जा दिया गया। इसलिए, बल के सदस्यों और उनके परिवारों द्वारा हर साल 20 सितंबर को आरपीएफ के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
स्थापना दिवस एक बल के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और बल के सदस्यों द्वारा उत्सव की भावना के साथ मनाया जाता है जहां वे जनता के साथ अपनी खुशी साझा करते हैं और उनकी सेवा करने और समग्र सार्वजनिक भलाई के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

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