*पुलिस कर रही है आरोपी को बचाने का प्रयास पुलिस ने आरोपी सत्यनारायण को बताया नाबालिग जबकि आरोपी ने स्वंय साबित किया कि वह नाबालिग नहीं बल्कि बालिग हैं*
*पुलिस कर रही है आरोपी को बचाने का प्रयास पुलिस ने आरोपी सत्यनारायण को बताया नाबालिग जबकि आरोपी ने स्वंय साबित किया कि वह नाबालिग नहीं बल्कि बालिग हैं*
रिपोर्ट, कृष्ण कुमार
आपको बताते चलें कि 16/06/2021 को ग्राम पंचायत मनका में चबूतरे के विवाद में आरोपी द्वारा चलाई गई थी गोली जो एक महिला के पैर में लगी थी। पत्रकार अजय शुक्ला को फेसबुक से मिला था विवाद का वीडियो जिसको डाउनलोड कर देखा तो वीडियो में साफ जाहिर हो रहा था कि फायर नीचे से हुआ है और जो छत में तीन ब्यक्ति दिख रहें हैं वो बंदूक लेकर बैठा है जिसमें एक पुरुष व दो महिलाएं दिख रही है जिसको पत्रकार अजय शुक्ला द्वारा रात्रि करीब 11 बजे उस वीडियो को खबर बना कर सभी जिले के अधिकारियों व खबर ग्रुपों में शेयर किया गया 17/06/2021 को सुबह करीब 7:30 बजे अजय पत्रकार अपनी माँ व भाभी को कटैया डडी रेलवे स्टेशन ट्रेन चढ़ाने गया था जब ट्रेन चढ़ा कर वापस घर आ रहा था तो ट्रांसफार्मर के आगे गांव की तरफ से चंद्रिकाप्रसाद शुक्ला का लड़का आया और गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा किसी तरह पत्रकार अजय शुक्ला वहां से अपनी जान बचा कर घर आया और तुरंत बरगढ़ थाना के सीयूजी नम्बर पर फोन किया तो फोन में एस एस आई अरविंद मिश्रा को घटना की पूरी जानकारी दी तो अरविंद मिश्रा ने पत्रकार अजय शुक्ला को थाने आने को कहा और कहा आकर लिखित एप्लिकेशन दो तभी अजय पत्रकार थाने जाकर एप्लिकेशन दिया लेकिन करीब आज 23 दिन हो बीत गए हैं ना तो अपराधी के ऊपर मुकदमा पंजीकृत किया गया न ही अपराधी को गिरफ्तार किया गया अगर कोई पत्रकार साथी जानकारी लेना चाहता है तो संबंधित अधिकारियों का कहना है कि आरोपी 14 साल का है लेकिन ये सत्य नही है क्योंकि अपराधी सत्यनारायण का छोटा भाई लल्ली करीब 14 15 साल का है और आरोपी सत्यनारायण चंद्रेश इंटर कालेज में इंटर में पढ़ रहा है जिसकी डेट ऑफ बर्थ है 11जुलाई 2003 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सत्यनारायण हाई स्कूल में फेल भी हो चुका है जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि आरोपी सत्यनारायण नाबालिग नहीं है इसमें सोचने वाली बात यह है कि आखिर क्या वजह है की पुलिस अपराधी सत्यनारायण को नहीं कर रही है बल्कि पुलिस खुद आरोपी को नाबालिग बता कर बचाने का प्रयास कर रही है। अगर विद्यालय से पूरा रिकार्ड उच्च अधिकारी निकलवा कर देखें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये अगर ऐसे अपराधियों को सजा नहीं मिली तो किसी दिन घट सकती है कोई बड़ी घटना ………….