ग्रामीण एडिटर -धीरेन्द्र रायकवार
लोकेशन देने वाली गाड़ियों पर काली फिल्म चढ़ी रहती है, ज्यादातर नई गाड़ियां है जो लोग कह सकते हैं कि नई गाड़ियां आई है और अभी नंबर नहीं आया, सारी ऐसे ही गाड़ियां लोकेशन देने का काम कर रही है, लोकेशन देने वाली वाहनों पर काली फिल्म के साथ-साथ नंबर प्लेट भी नदारद रहती है, और इन वाहनों को ज्यादातर एसडीएम, सीओ, तहसीलदार व थाने के इर्द-गिर्द खड़ा देखा जा सकता है, इसी क्रम में वह यहां तक कि झांसी से आने वाली खनिज टीम व एआरटीओ की भी लोकेशन लगी रहती है, जो अपने ऑफिस से जैसे ही एआरटीओ या खनिज विभाग की गाड़ियां निकलती हैं और अगर इस ओर आती हैं, तो उन्हें तुरंत इसकी सूचना मिल जाती है, जिससे वह अपने वाहनों को बचत कर ले जाते हैं, अगर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करना शुरू हो जाती है, तो प्रशासन राजस्व की हो रहीं लाखों रू चोरी को बचाने में एक बहुत ही बड़ी पहल होगी।