*कोंच नगर पालिका आरआई का कथित ‘सेटिंग’ ऑडियो वायरल, प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप*
जालौन :० नगर पालिका परिषद कोंच एक बार फिर विवादों के घेरे में है। परिषद में विकास कार्यों की बजाय इन दिनों भ्रष्टाचार, गुटबाजी और प्रशासनिक खींचतान की चर्चाएं तेज हैं। मामला नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मोनिका उमराव के खिलाफ पारित निंदा प्रस्ताव और उसके बाद सामने आए कथित ‘मैनेजमेंट’ प्रयासों से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार 7 फरवरी को नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में नगर विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अपेक्षित थी, लेकिन उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब लगभग 20 सभासदों ने एकजुट होकर ईओ मोनिका उमराव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। सभासदों ने आरोप लगाया कि ईओ की कार्यप्रणाली तानाशाहीपूर्ण है और विकास कार्यों में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। हंगामे के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे बहुमत से पारित कर बोर्ड की कार्यवाही में दर्ज किया गया। नियमों के अनुसार, किसी अधिकारी के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित होना प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर माना जाता है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि ‘मीडिया’ नहीं करता। वायरल ऑडियो को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि निंदा प्रस्ताव के बाद ईओ के समर्थन में माहौल बनाने के प्रयास शुरू हुए। आरोप है कि नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक (आरआई) सुनील कुमार यादव कथित रूप से सभासद प्रतिनिधियों से फोन पर संपर्क कर रहे हैं। वायरल ऑडियो में बातचीत का लहजा ऐसा बताया जा रहा है, जिससे यह आभास मिलता है कि निंदा प्रस्ताव के प्रभाव को कम करने के लिए कथित रूप से दबाव या समझौते की कोशिश की जा रही है। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों और सभासदों का कहना है कि यदि वायरल ऑडियो सही पाया जाता है, तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी या फिर निंदा प्रस्ताव को कथित तौर पर ‘मैनेज’ कर दिया जाएगा।