जनहित रिपोर्ट — “सड़क की आस, संघर्ष का हक़”
जालौन :० अटरिया–नसीरपुर सम्पर्क मार्ग की बदहाली से परेशान ग्रामीण आखिरकार धरने पर बैठ गए हैं। वर्षों से सड़क की मरम्मत और निर्माण को लेकर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहा, लेकिन जमीनी कार्रवाई शून्य रही।
इसी उपेक्षा ने ग्रामीणों का आक्रोश फाड़ दिया।
आज नसीरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि—
> “कच्ची सड़क पर चलना दूभर है, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से हालात और खराब हो जाते हैं। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया।”
ग्रमीणों का आरोप है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि मरीजों को अस्पताल ले जाना खतरे से खाली नहीं, बच्चों का स्कूल जाना भी कठिन हो चुका है।
लगातार मिली अनदेखी—
प्रशासन द्वारा हर बार आश्वासन तो दिया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अब ग्रामीणों का कहना है कि
> “जब तक सड़क निर्माण का आदेश जारी नहीं होता, धरना जारी रहेगा।”
धरने में युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हुए। सामूहिक आवाज़ में उठी यह मांग अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है।
रविकांत द्विवेदी RK