*श्मशान घाट और रास्ते का बुरा हाल — नहर किनारे करना पड़ा बुजुर्ग का अंतिम संस्कार*
जालौन जनपद के कोंच विकास खंड क्षेत्र के ग्राम छानी में श्मशान घाट और वहां तक जाने वाले रास्ते की दुर्दशा से ग्रामीणों में भारी रोष है। पांच माह से रास्ता दलदल में तब्दील है, जिससे शव यात्रा निकालना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है।
कल बीमारी के चलते 75 वर्षीय रामसेवक उर्फ दददू बाबा का निधन हो गया। लेकिन श्मशान घाट जाने का रास्ता कीचड़ और पानी से लबालब होने के कारण ग्रामीण मजबूर हो गए और उन्होंने नहर किनारे ही अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ। कुछ महीने पहले भी एक युवक की अंत्येष्टि सड़क किनारे करनी पड़ी थी, फिर भी जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को रास्ते की दयनीय स्थिति से अवगत कराया, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं।
एक ग्रामीण ने बताया — “हर बरसात में यही हाल होता है, न रास्ता बनता है, न सफाई होती है, मजबूरी में हमें अपने लोगों का अंतिम संस्कार गांव से बाहर करना पड़ता है।”
वहीं इस मामले में कोंच बीडीओ प्रशांत यादव ने बताया कि, “मामले की जानकारी मुझे अभी नहीं थी, गांव के सचिव को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं, जल्द ही वहां की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।”
गांव के लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार प्रशासन सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि स्थायी समाधान देगा, ताकि अंतिम यात्रा की गरिमा दोबारा अपमानित न हो।