विश्व विख्यात झांसी नगरी का सौहार्द बनाए रखने एवं हिन्दू मुस्लिम एकता कायम रखते हुए हिंदू पक्ष पहुंचा एन.जी.टी.वहीं मुस्लिम पक्ष सर्वोच्च न्यायालय । एन.जी.टी.द्वारा अगली सुनवाई तिथि 28 मार्च की नियत।
झांसी प्राचीन चंदेल कालीन लक्ष्मी तालाब के प्रदूषण रोकने , सुंदरीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के संबंध में आज याचिकाकर्ता गिरजाशंकर राय , अधिवक्ता बी एल भास्कर प्रदीप नामदेव आदि द्वारा जो याचिका 28 जून 2021को माननीय न्यायालय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली में है दायर की थी जिसकी वाद संख्या 165 /2021 है।
38/2022 एक्स अपील मजार पक्ष दिनांक 17/2/2023 को माननीय न्यायालय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में तारीख नियत थी जिसका फैसला आना था और जिला प्रशासन झांसी द्वारा हिंदू-मुस्लिम पक्षों के साथ मीटिंग कर अवगत कराया गया था कि माननीय न्यायालय से जो भी फैसला आएगा दोनों पक्षों को स्वीकार करना होगा और आदेश के अनुपालन में मंदिर या मजार को फैसले के अनुसार हटाया जाएगा।जिससे दोनों पक्षों में अत्यधिक तनाव था इस समस्या को हल करने के लिए हिंदू पक्ष की ओर से पंडित सुदीप महाराज एवं राहुल राजपूत तथा मुस्लिम पक्ष की ओर से सूफी असलम खान, मो कलाम कुरैशी हाजी अशफाक एवं याचिकाकर्ता गिरजा शंकर राय अधिवक्ता बी एल भास्कर प्रदीपकुमार नामदेव ने जनहित की समस्याओं को देखते हुए आपसी सामंजस बनाते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष अपने अपने प्रार्थना पत्र देकर झांसी की सामाजिक एकता एवं सौहार्द बनाए रखने की के लिए न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र दिए। माननीय न्यायालय ने सभी पक्षों के प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लेते हुए सुनवाई की अगली तिथि 28 मार्च 2023 की नियत कर दी है। इधर मुस्लिम पक्ष की ओर से एक याचिका माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में दाखिल करने की आज समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की गई है जो शीघ्र ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी वाद दाखिल हो जायेगा। इस दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से सूफी असलम खान, मो. कलाम कुरैशी, हाजी अशफाक , गिरजा शंकर राय, एडवोकेट बी एल भास्कर,प्रदीप कुमार नामदेव भी उपस्थित रहे।