*तीन सदस्यीय टीम गठित होने से मचा हड़कंप,जल्द शुरु होंगी जांच : सीएमओ जालौन*
*सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में बीती 15 अक्टूबर को हुई थी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों मौत*
जालौन : उरई कालपी रोड स्थित सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत के मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम को फिलहाल जांच के आदेश की प्रति नहीं मिली है। जांच टीम के प्रभारी व जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनेश कुमार बनौधा का कहना है कि आदेश की प्रति मिलने के बाद वह अपनी जांच शुरू करेंगे। डाक्टर अविनेश कुमार बनौधा का कहना है हमारी टीम द्वारा निष्पक्ष जांच होगी और पीड़ित को न्याय जरूर मिलेगा। आपको बता दें कि बीती 15 अक्टूबर को सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में इलाज कराने को पहुंची श्यामा देवी पत्नी धर्मेंद्र निवासी औरैखी का पथरी की बीमारी के चलते आपरेशन किया जाना था। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने आपरेशन के नाम पर उनसे पचास हजार रुपये ले लिए और मनमाने तरीके से आपरेशन कर दिया। जिसकी वजह से महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी असमय मौत हो गई। झांसी से वापस आने पर अस्पताल कर्मियों ने महिला को भर्ती नहीं किया। परिजनों का कहना है कि इतने ज्यादा पैसे लेकर भी उनका इलाज ठीक से नहीं किया गया। जिसकी वजह से महिला की जान चली गई। मृतिका के परिजनों ने दोषी हॉस्पिटल संचालकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।मृतिका के परिजनों ने इसको लेकर जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडेय को भी एक शिकायती पत्र देकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जालौन डॉ.एन.डी. शर्मा ने भी इस मामले को गंभीरता से लेकर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। जिस तरह से शासन प्रशासन सक्रियता दिखा रहा है, उससे अब लग रहा है की मृतिका के परिजनों को अब जल्द न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अगर जांच टीम कई अहम पहलुओं पर हॉस्पिटल की जांच करेगी ,जैसे उस दिन कौन कौन डाक्टर हॉस्पिटल में मरीज को देखने आए,उसे किस सरकारी डाक्टर ने आपरेशन के लिए बेहोश किया। तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। वैसे जबरा सूत्र से पता चला है, जब से तीन सदस्यीय जांच टीम गठित हुई हैं,तब से हॉस्पिटल संचालक और उसके संरक्षकों में काफी हड़कंप मचा हुआ है।