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समथर थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी जुआ, जुआ में कई घर हुए बर्बाद पुलिस बनी धृष्ट राज रिपोर्टर – यशपाल सिंह समथर

समथर थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी जुआ, जुआ में कई घर हुए बर्बाद पुलिस बनी धृष्ट राज

रिपोर्टर – यशपाल सिंह समथर

समथर थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी जुआ के खेल में रोजाना लाखों की जीत-हार का दांव लगने से पुलिस महकमें के अफसरों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है। जगह बदल-बदल कर जुआ खिलाने वाले आपराधिक प्रवृत्ति का गिरोह पुलिस के नाम से प्रत्येक दांव में नाल निकालता है। जुआ के अवैध कारोबार में पुलिसिया संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। जुआ के फड़ों में दांव लगाने से पुलिस महकमे की आम जनमानस में जमकर फजीहत हो रही है। सुबह होते ही जुआ के फड़ों पर जुआरियों का जमावड़ा लग जाता है।

इन दिनों समथर थाना क्षेत्र जुआरियों का गढ़ बन गया है। झांसी जिले के समथर क्षेत्र में पुलिसिया संरक्षण में जगह बदल बदल कर खेले जा रहे जुआ के खेल में रोजाना लाखों की जीत हार के दांव लग रहे हैं। जहां समथर, चिरगांव खुर्द, साकिन, लोहागढ़ एवं बांगरी क्षेत्र के नामचीन जुआरी भी जुआ खेलने पहुंच रहे हैं। समथर थाना क्षेत्र से थोड़ी दूरी पर ग्राम साकिन के लोहागढ़ के समीप मैदान के अलावा के बांगरी, व चिरगांव खुर्द के समीप समेत क्षेत्र में रोजाना जुआ के संचालित फड़ों में दो पहिया व चार पहिया वाहनों में दर्जनों की संख्या में पहुंचे जुआरियों द्वारा लाखों की जीत हार का दांव लगाया जा रहा है। इन फड़ों मे जालौन क्षेत्र के भी नामचीन जुआरी भी पहुंच रहे हैं। लोगों ने जुआ खिलाने वाले गिरोह में आपराधिक छवि वाले युवाओं के शामिल रहने के कारण भयवश नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुआ के खेल में अनेक जुआरी जीत हार का दाव लगाते हैं। इस खेल के संचालन में आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं की संलिप्तता के कारण ग्रामवासी दहशत के कारण इसका विरोध नहीं कर पाते हैं। जुआ खेल का संचालन करने वाले अपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं द्वारा विरोध करने पर झूठे मामलों में फंसा देने की धमकी दी जाती है। यह भी बताया गया कि जुआ के अवैध कारोबार की सूचना कथित पुलिस अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद भी राजनीतिक संरक्षण के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

सूत्रों से मिली जानकारी

सूत्रों ने बताया कि जुआ खिलाने वाले लोगों द्वारा प्रत्येक फड़ों पर लगने वाले प्रत्येक दांव में पुलिस अधिकारियों के नाम पर निर्धारित राशि नाल के नाम पर निकाली जाती है। कार्यवाही से बचने के लिए जुआरी प्रत्येक दांव में निकाली जाने वाली नाल राशि का विरोध नहीं करते हैं। पुलिस के नाम से हर दांव में नाल के रूप में रकम निकाले जाने से जुआरी भी बेखौफ जुआ खेलने पहुंचते हैं।जुए की लत लग जाने के कारण लाखों रुपए हार चुके अनेक ग्रामीण जुआरी बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जुए में गंवाई रकम वापस पाने के चक्कर में दर्जनों जुआरी सूदखोरों के चंगुल में फंसकर लाखों रुपए के कर्जदार भी हो चुके हैं। इतना ही नहीं जुआ खेलने के लिए ब्याज पर रकम लेने वाले जुआरियों ने अपने मकान सहित जेवरातों को भी सूदखोरों के पास गिरवी रख दिया है। अब देखना होगा क्या पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही की जाती है या हमेशा की तरह कार्यवाही के नाम पर औपचारिकता की जाएगी और जुआरी इसी प्रकार बड़ा जुआ खेल के कई घरों को बर्बाद करते रहेंगे

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