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अवैध खनन कराने में सेमरी टोल प्लाजा निभा रहा, अपनी अहम भूमिका:ब्यूरो रिपोर्ट झाँसी दर्शन न्यूज़

अवैध खनन कराने में सेमरी टोल प्लाजा निभा रहा, अपनी अहम भूमिका

ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार

सर्विस रोड की लाइट बन्द करने का क्या है राज—-

मोंठ/झांसी – थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे के ओवर ब्रिज सर्विस रोड के दोनों ओर की लाइटें महीनों से है बंद, लाइट बंद होने के पीछे क्या है राज।

कहाँ का है मामला———

मामला झांसी जिले के झांसी कानपुर हाईवे मार्ग का है, जहां पूॅछ थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे ओवर ब्रिज के दोनों तरफ रोड की स्ट्रीट लाइटे लगभग एक माह से बंद है, जब इस संबंध में हमारी झांसी दर्शन की टीम ने सम्बन्धित लाइटों के बारे में गहराई से जानकारी की और उक्त लाइटों के आपरेटर से संपर्क किया तो मामला कुछ और ही निकला।

क्या बोला आप लाइट आपरेटर—

ऑपरेटर नरेश ने बताया कि वह पूॅछ ओवर ब्रिज व मबूसा ओवर ब्रिज दोनों का ऑपरेटर है, उससे जब बंद लाइटों के संबंध में जानकारी की तो उसने बताया कि लाइट 6 जून से खराब है, जिसकी सूचना उसने संबंधित टोल ठेकेदार को दी थी, लेकिन इन खराब पड़ी लाइटों की ओर किसी का ध्यान नहीं है, लेकिन फिर वही पुराने ढर्रे की बात यहां सामने आती है कि संबंधित टोल प्लाजा टोल वसूलने का काम तो कर रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ ठेंगा दिखा रहा है।

क्या बोले सेमरी टोल प्लाजा मैनेजर आरिफ खान—-

वही जब इस पूरे मामले पर हमारी टीम ने संबंधित सेमरी टोल प्लाजा के मैनेजर आरिफ खान से संपर्क किया तो उन्होंने लाइट खराब होने की बात से साफ इंकार कर दिया, जब उनसे कहा कि उक्त पूरे मामले की जानकारी आपके ही टोल प्लाजा द्वारा रोड की लाइटों के ऑपरेटर ने जानकारी दी है, तो वह बोले ऐसा नहीं है, वहां लगातार पूरे महीने से डीजल भी सुचारु रुप से जा रहा है, लाइट अभी सही है और अगर आप कह रहे हैं, लाइट नहीं जलती है तो मैं अभी उक्त पूरे मामले में जानकारी करता हूं।

टोल मैनेजर व लाइट ऑपरेटर दोनों अलग-अलग अपनी सफाई देते हुए—

अब उक्त दोनों मामलें अलग-अलग साफ तौर पर नजर आ रहे हैं, जब ऑपरेटर से बात की जाती है तो वह कहता है कि डीजल एक महीने से मुझे नहीं मिला है, स्ट्रीट लाइट में फाल्ट है, जिसकी वजह से सर्विस रोड की लाइटें बंद है, वही टोल के तो मैनेजर आरिफ खान इन सारी बातों को झूठा साबित करते हुए नकारते नजर आ रहे हैं, अब ऐसे में एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि दोनों अपनी-अपनी बातें सिद्ध करने में लगे हुए हैं, लेकिन आख़िर मामला सच क्या है, आखिर लाइट बंद होने का क्या कारण है, दोनों लोगों की बातों से अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। 

क्यों और किस मकसद और किसके आदेश लगाई गई थी स्ट्रीट लाइटें——

बीते गत वर्ष नोएडा व पुखरायां में सर्विस रोड पर ओवर ब्रिज के नीचे अंधेरा का फायदा उठाकर दुष्कर्म व लूटपाट की हुई घटनाओं को देखते हुए शासन ने एक बड़ा कदम उठाया और नेशनल हाईवे के संबंधित टोल प्लाजाओं को निर्देशित किया था कि सर्विस रोड के दोनों ओर स्ट्रीट लाइटे लगाएं, जिससे आवागमन एवं लूटपाट व दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन शासन के आदेश के अनुसार स्ट्रीट लाइटें तो लगवा दी गई, लेकिन टोल प्लाजा के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाने का काम किया जा रहा है, और स्ट्रीट लाइटें बन्द रहती है।

स्ट्रीट लाइटें जलाने का क्या है नियम—-

वहीं टोल प्लाजा द्वारा निकाले गए टेण्डर के अनुशार नेशनल हाईवे मार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटों को चार घंटे जलाने का नियम है, जबकि रोज एक घंटे से डेढ़ ही स्ट्रीट लाइटें जलाई जाती हैं, इससे साफ जाहिर होता है कि तीन घंटे का करीब 40 लीटर डीजल बचाकर हर महीने में हजारों की घपलेबाजी की जा रही है।

झाँसी दर्शन टीम ने जब खोजी इसकी सच्चाई, जिसकी सच्चाई पढ़कर आप भी रह जायेंगे हैरान—-  

वही जब हमारी झांसी दर्शन की टीम ने इन लाइटों के बंद होने की कारणों की गहराई से जांच की तो मामला कुछ और ही नजर आया, जिसकी सच्चाई जानकर शायद आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। जब इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की गई व अपने स्थानीय रिपोर्टर से संपर्क किया तो उन्होंने स्थानीय लोग व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से जब इन लाइटों के संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि यहां पर जो ओवर ब्रिज है, उस से महज कुछ ही दूरी पर वेतवा नदी निकली हुई है, जहां से लगातार नदियों  का सीना चीरकर रात में खनन माफिया अवैध बालू खनन करते हैं, और उसी के कारण ऑपरेटर खनन माफियाओं से मिलकर वहां की लाइटों को बंद कर देता है, इन बातों से हम नहीं मुकर सकते कि कहीं न कहीं संबंधित टोल प्लाजा को इसकी भनक नहीं है। इसकी भनक तो है, लेकिन शायद उन्हीं के संरक्षण में यह कार्य दौड़ रहा है। जिसकी बात सुनकर हमारे भी होश उड़ गए की आखिर अवैध खनन माफियाओं के हौसले तो देखिए और साथ में टोल प्लाजा ऑपरेटर के हौंसले की भी दाद देनी पड़ेगी। जो पूरे सर्विस रोड की लाइट बंद करकर अवैध खनन कराने में लिप्त है, वही लोगों ने एक और चौंकाने वाला मामला स्पष्ट किया है कि आखिर ऑपरेटर द्वारा लाइट तो बंद कर दी जाती हैं, लेकिन इससे कभी भी चोर लुटेरे किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी क्या टोल प्लाजा लेगा, आखिर कौन होगा इन घटनाओं का जिम्मेदार, वहीं लोगों का यह भी कहना है कि खनन माफिया टोल प्लाजा द्वारा लगी स्ट्रीट लाइटों के ऑपरेटर से मिलकर अवैध खनन करते हैं, ऐसे में माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं, इससे तो साफ नजर आ रहा है, की अवैध खनन कराने में सेमरी टोल प्लाजा अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

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