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झाँसी ! मोबाइल टावर की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स हैं खतरनाक जाने ! स्कूल वालो ने किया विरोध,छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में-=मो इरशाद मंसूरी

मोबाइल टावर की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स हैं खतरनाक जाने ! स्कूल वालो ने किया विरोध,छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में=

झाँसी | जेकब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स ने स्कूल के पास टावर ना लगने की मांग की घनी आबादी वाले क्षेत्र सीपरी बाजार के निकट पहुंची तो वहां पर पहले सी दो-तीन मोबाइल टावर पहले से ही लगे हुए थे | इसके साथ क्षेत्र में विद्द्यालय भी खुला हुआ है | सूत्रों से मिली खबर के अनुसार विद्द्यालय के निकट ही एक और मोबाइल टावर लगाने की तैयारी की जा रही है | जिससे यहां आने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है | आपको बता दे की मोबाइल टावरों से निकलने वाली रेडिएशन किरणों का असर सीधा मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ता है l एक्सप‌र्ट्स की मानें तो मोबाइल टावर के 300 मीटर एरिया में सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है । एंटेना के सामनेवाले हिस्से में सबसे ज्यादा तरंगें निकलती हैं । जाहिर है, सामने की ओर ही नुकसान भी ज्यादा होता है । मोबाइल टावर से होने वाले नुकसान में यह बात भी अहमियत रखती है कि घर टावर पर लगे ऐंटेना के सामने है या पीछे । टावर के एक मीटर के एरिया में 100 गुना ज्यादा रेडिएशन होता है । टावर पर जितने ज्यादा एंटेना लगे होंगे, रेडिएशन भी उतना ज्यादा होगा l मोबाइल टावर से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स कैंसर का कारण बनती हैं । इस रेडिएशन से जानवरों पर भी असर पड़ता है । यही वजह है कि जिस एरिया में मोबाइल टावरों की संख्या अधिक होती है, वहां पक्षियों की संख्या कम हो जाती है । ग्रामीण अंचल में इसी वजह से मधुमक्खियां समाप्त हो गई हैं l भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा बस्तियों के आसपास मोबाइल टावर लगाने के लिए प्रशासन की और से रोक लगी है किन्तु इसके बावजूद भी बस्तियों के बीचोंबीच मोबाइल टावर लगाने का काम धड़ल्ले से हो रहा है | जिसके गंभीर परिणाम भी सामने आते है और आये हुए है | इसके बाबजूद भी झाँसी प्रशासन अपनी आँखे मूदे हुए बैठा है |

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