सुशासन की मिसाल बने जिलाधिकारी जालौन
जालौन :० प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी सुशासन और पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आम नागरिक की तरह स्वयं परिवहन कार्यालय पहुंचकर अपने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराया।
जिलाधिकारी ने न केवल निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया बल्कि पूरे आवेदन की प्रक्रिया आम नागरिक की तरह कतार में लगकर पूरी की। उन्होंने काउंटर पर आवेदन जमा किया, आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए, शुल्क का भुगतान किया और बायोमेट्रिक व फोटोग्राफी की प्रक्रिया भी स्वयं पूरी की।
इस दौरान उन्होंने अन्य आवेदकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को भी जाना।
लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जिलाधिकारी ने परिवहन कार्यालय के विभिन्न अनुभागों — लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, फिटनेस और टैक्स सेक्शन — का निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि—
> “परिवहन कार्यालय जनता से सीधा जुड़ा विभाग है, अतः यहां की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नागरिक सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए।”
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि आवेदकों को सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि “पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधा” सरकार की प्राथमिकता है और हर अधिकारी को इसे अपने कार्यों में प्रदर्शित करना चाहिए।