शासन के निर्देशानुसार किसानों को मिलेगा ज्वार खरीद का लाभ
तहसील स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जायेगा अस्वीकृत ज्वार का पुनः विश्लेषण* झांसी: अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला खरीद अधिकारी श्री वरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना अन्तर्गत किसानों द्वारा केन्द्र पर लाये गये ज्वार से केन्द्र प्रभारी द्वारा नमूना प्राप्त कर ज्वार में नमी की मात्रा एवं उसकी गुणवत्ता भारत सरकार द्वारा निर्धारित गुण निर्देशों के अनुरुप क्रय की जायेगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला खरीद अधिकारी ने बताया कि यदि कृषक द्वारा लाया गया ज्वार निर्धारित मानक के अनुरुप नहीं पाया जाता है एवं ज्वार की छनाई एवं सफाई की आवश्यकता समझी जाती है, तो ज्वार की उतराई, छनाई एवं सफाई का कार्य कृषक स्वयं कर सकेंगे। यदि कृषक द्वारा ज्वार क्रय केन्द्रों पर ज्वार की उतराई, छनाई एवं सफाई का कार्य क्रय केन्द्र पर उपलब्ध श्रमिकों से कराया जाता है, तो कृषक श्रमिकों से वार्ता कर समझौते के अनुरुप या अधिकतम रु0 20 प्रति कुन्तल की दर से श्रमिकों को भुगतान करेंगे। इसके निमित्त सम्बन्धित क्रय एजेन्सी द्वारा कृषक को उनके द्वारा किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति ज्वार के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से सीधे कृषक के बैंक खाते में की जायेगी।
उन्होंने बताया कि ज्वार को अधिकृत किये जाने पर कृषक के असंतुष्ट होने की स्थिति में तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां गठित समिति (सम्बन्धित तहसीलों के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी-अध्यक्ष एवं सम्बन्धित मण्डी समिति के सचिव/ग्रेडर, अस्वीकृति ज्वार केन्द्र के सम्बन्धित केन्द्र प्रभारी एवं 02 स्वतंत्र कृषक-सदस्य) को अपील कर सकते हैं, गठित समिति द्वारा अपील प्राप्त होने पर 48 घण्टों के भीतर कृषक के सम्मुख ज्वार का पुनः विश्लेषण कर ज्वार की स्वीकार्यता के सम्बन्ध में निर्णय लिया जायेगा।