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बाल श्रम मुक्ति की दिशा में मऊरानीपुर में निर्णायक कदम 8 बालक श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया

ByNeeraj sahu

Feb 6, 2025
बाल श्रम मुक्ति की दिशा में मऊरानीपुर में निर्णायक कदम 8 बालक श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया
         राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग भारत सरकार के दिशा-निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत मऊरानीपुर में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के कार्यवाही के अंतर्गत 8 बाल श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया।
         जिलाधिकारी महोदय द्वारा गठित जिला टास्क फोर्स जिसमें श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण तिवारी,  मानव तस्करीरोधी थाना झांसी से उपनिरीक्षक राम बाबू सचान, उपनिरीक्षक मोतीलाल और उपनिरीक्षक आनंद मोहन, कांस्टेबल अरविंद, बचपन बचाओ आंदोलन से सहायक प्रॉजेक्ट ऑफिसर मनीष कुमार वर्मा, बुंदेलखंड सेवा संस्थान से सपोर्ट पर्सन विकास निरंजन और शिवानी पोरवाल की संयुक्त टीम के द्वारा 06 फरवरी 2025 को मऊरानीपुर से 8 बच्चों को बालश्रम करते हुए चिन्हित किया गया । मौके पर पहुंची टीम ने कार्यवाही करते हुए सभी दुकानदारों को नोटिस देकर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है ।
          राष्ट्रीय बाल अधिकार एवम संरक्षण आयोग के निर्देश पर बालश्रम उन्मूलन अभियान देश भर में चलाया जा रहा है। जिसके तहत लगातार कार्यवाही की भी की जा रही है, सरकार के मनसा के अनुरूप झांसी को बालश्रम मुक्त बनाने के दिशा जिलाधिकारी महोदय द्वारा गठित टीम जिला टास्क फोर्स द्वारा अभियान चलाया जा रहा है तथा मौके पर किसी भी प्रतिष्ठान में बालश्रमिक पाए जाने पर कार्यवाही की जा रही है।
       बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक प्रॉजेक्ट ऑफिसर द्वारा बताया गया कि किसी भी नाबालिक से बालश्रम कराना अपराध है जिसमें दोषी पाए जाने पर नियोक्ताओं को जेल भी हो सकती है बालश्रम कराने से बच्चो की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है जो की बच्चों के विकास को प्रभावित करती है और बच्चे समाज की मुख्य धारा से वंचित हो जाते है।
ध्यान देने वाली बात है कि लोगों को सब जानते हुए भी बालश्रम कराते है क्योंकि बच्चो को वेतन के नाम पर नाममात्र पैसे दिए जाते है और अधिक समय तक काम लिया जाता है ।
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