डीजल खपत में कमी से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनवरी तक ₹7.72 करोड़ राजस्वकी बचत
झांसी मंडल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अग्रसर
थ्री-फेज लोकोमोटिव्स से भी जनवरी माह में 51.70 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत, रेलवे को ₹2.89 करोड़ राजस्व की बचत
झांसी रेल मंडल पर्यावरण संरक्षण को लगातार बढ़ावा दे रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आने के साथ-साथ राजस्व की भी बचत हो रही है। मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा के मार्ग दर्शन में मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रैल से जनवरी तक डीजल की खपत में कमी के माध्यम से ₹7.72 करोड़ की बचत की गई है। केवल जनवरी माह में हाई-स्पीड डीजल की खपत में कमी से ₹88.97 लाख का राजस्व बचाया गया।
यह उपलब्धि डीजल के स्थान पर बिजली के अधिकतम उपयोग, आधुनिक तकनीक, और कुशल प्रबंधन से संभव हुई है। डीजल खपत में गिरावट के कारण कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आई है, जो पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गौरतलब है कि झाँसी मंडल में ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। माह (जनवरी 2025) के दौरान, थ्री फेज लोकोमोटिव के उपयोग से कुल 51,70,903 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत की गई। भारतीय रेलवे के ऊर्जा दक्षता प्रयासों के तहत यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रेलवे को आर्थिक रूप से भी लाभ हुआ है।
वर्तमान में प्रति यूनिट ₹5.60 की दर से इस ऊर्जा बचत का कुल मूल्य ₹2,89,57,056/- आंका गया है।इन लोकोमोटिव्स में रि-जनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जो ब्रेकिंग के दौरान ऊर्जा को पुनः इंजन में स्थानांतरित कर ऊर्जा की खपत को कम करता है।यह उपलब्धि झाँसी मंडल द्वारा ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उठाए गए कदमों का प्रमाण है।
मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा ने कहा, “झांसी मंडल पर्यावरणीय संतुलन और ऊर्जा दक्षता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। पर्यावरण को संरक्षण के साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करना है ।
रेलवे प्रशासन लगातार ऊर्जा बचत के लिए नए उपाय अपना रहा है, जिससे न केवल रेलवे की परिचालन लागत में कमी आ रही है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। झाँसी मंडल इस दिशा में अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखेगा।
(2)
झाँसी मंडल में रायरू स्टेशन पर MSDAC की सफल संस्थापन
मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में झाँसी मंडल के ग्वालियर-मुरेना रेल खंड में रायरू स्टेशन पर दोहरी पहचान (Dual Detection) के लिए मौजूदा ट्रैक के समांतर MSDAC (Multi Section Digital Axle Counter) की सफल स्थापना की गई है। यह कार्य अप दिशा कॉमन लूप, डाउन दिशा लूप, बैलेस्ट साइडिंग तथा रस्टी रेल ट्रैक पर किया गया है।
इस प्रणाली की स्थापना से ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और दक्षता में बढ़त होगी। यह तकनीक सटीक ट्रेन पहचान सुनिश्चित करती है और रेल परिचालन में संभावित त्रुटियों को कम करती है। झाँसी-बीना सेक्शन में इस तकनीक के सफल कार्यान्वयन से ट्रैक की निगरानी और रखरखाव में भी सुधार होगा।
झाँसी मंडल रेलवे प्रशासन रेल यात्रियों की सुरक्षा, आधारभूत अवसंरचनाओं के उच्चीकरण और सुविधाओं में निरंतर बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है।