झाँसी मंडल द्वारा माल गाड़ियों के आदान प्रदान में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
झाँसी मंडल यात्री सुविधाओं में निरंतर बढ़ोतरी के साथ-साथ माल यातायात के आवागमन में नए कीतिमान के साथ बढ़त बनाए हुए है | प्रमुख रूप से पासिंग थ्रू रेलवे होने के कारण , झाँसी मंडल पर ट्रेनों की गतिशीलता देश के समग्र रेल परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में दिनांक 21.01.23 को मंडल द्वारा अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ओहन स्टेशन स्थित इंटरचेंज पॉइंट से जबलपुर मंडल के साथ अब तक की एक दिन में सर्वाधिक 26 मालगाड़ियों का आदान-प्रदान किया है | जो की पिछले रिकॉर्ड प्रदर्शन दिसंबर 2020 में 25 ट्रेनों से अधिक रहा | यह कार्य झाँसी-बांदा रेल लाइन क्षमता के अधिकतम प्रयोग से संभव हुआ है I जिसमें झाँसी एवं जबलपुर मंडल के नियंत्रण कार्यालयों के बेहतर समन्वय नए अहन भूमिका निभायी है |
गाड़ियों के तीव्र आवागमन से व्यापार में वृद्धि, सीमेंट, कोयला के तीव्र परिवहन से आर्थिक व्यवस्था तथा इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यकताओं की पूर्ती तथा अन्य ट्रेनों के समयपालनता में वृद्धि तदनुसार देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होता है | बेहतर गतिशीलता के अतिरिक्त, झाँसी मंडल प्रारम्भिक माल लदान के क्षेत्र में भी निरंतर सकारात्मक वृद्धि कर रहा है |
मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष ने इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी और ट्रेनों की गतिशीलता को और बेहतर बनाने हेतु मालगाड़ियों की औसत गति की बारीकी से निगरानी और बढ़ाने हेतु निर्देशित किया।
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टिकट जांच कर्मी द्वारा बच्ची को माता-पिता से मिलाया गया
दिनाक 24.01.22 को गाड़ी संख्या 12001 शताब्दी एक्सप्रेस में भोपाल से वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी के मध्य सुश्री प्रीति राज उप ट्रेन अधीक्षक C 13 कोच में कार्यरत रही | इस दौरान उन्हें एक 20 साल की लड़की मिली, जिसके पास यात्रा टिकट उपलब्ध नहीं था | उक्त लड़की से बातों-बातों में प्राप्त जानकारी अनुसार वह घर से भाग कर आयी थी और बहुत परेशान थी । इस पर सुश्री प्रीति राज द्वारा लड़की को दिलासा दिलाई गई और उस के मां बाप से संपर्क साध कर उन को आश्वस्त किया कि उनकी लड़की रेल प्रशासन के पास सुरक्षित हैं । उक्त प्रकरण की सूचना नियंत्रण कार्यालय झांसी को दी गयी तथा उचित माध्यम से लड़की को आरपीएफ झांसी के सुपुर्द किया गया। जहाँ से उसको उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया |