समावेशी शिक्षा के उन्नयन हेतु एक दिवसीय मण्डलीय कार्यशाला का आयोजन मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), झाँसी के द्वारा आज राजकीय संग्रहालय में किया गया उक्त कार्यशाला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रुप में मण्डलायुक्त झाँसी बिमल कुमार दुबे के द्वारा किया गया।
मण्डलायुक्त ने अपने उद्घाटन उद्बोधन में कहा कि समावेशी शिक्षा का कार्य अत्यन्त संवेदनशील कार्य है जिसके द्वारा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्य धारा में लाने का कार्य किया जा सकता है। यह कार्य तभी सम्भव है जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं समस्त अध्यापक विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के साथ कार्य करने हेतु प्रशिक्षित हों।
मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त द्वारा आयोजकों को निर्देशित किया गया कि ऐसे प्रशिक्षण के लिये कार्ययोजना बना कर शीघ्रता के साथ सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों को उक्त कार्य हेतु प्रशिक्षित किया जाये जिससे विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे तथा शिक्षक भी उनकी परिस्थितियों से परिचित होकर उनके साथ अनुकूल व्यवहार कर सकें।
राज्य परियोजना कार्यालय से आये समावेशी शिक्षा के वरिष्ठ विशेषज्ञ नन्द कुमार के द्वारा समावेशी शिक्षा के लिये चलायी जा रही शासन की समस्त योजनाओं के बारे में तथा समर्थ पोर्टल के द्वारा उसकी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की उपयोगिता के लिये विस्तार से बताया। उनके द्वारा समस्त जिला समन्यकों, खण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं स्पेशल एजुकेटर्स को इस अति महत्वपूर्ण पुनीत कार्य को सुगमतापूर्वक पूर्ण कर विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु प्रेरित किया। नन्द कुमार द्वारा ऐसे बच्चों के माता पिता को भी बच्चों के सहयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया। उनके सहयोगी अमरेश चन्द्र द्वारा विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता के बारे में विस्तार से बताया जो कि सबसे सामन्य दिव्यांगता है।
कार्यशाला में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के० पी० सिंह द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ शासन के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से अवगत कराया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मिलित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मैनेजर डॉ० रामबाबू के द्वारा बच्चों में होने वाली बीमारियों एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत उनके निःशुल्क उपचार के बारे में समस्त जानकारी दी। मण्डलीय मनोवैज्ञानिक केन्द्र से आये मनोवैज्ञानिक डॉ० मनीष मिश्रा के द्वारा बताया कि कैसे बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बना कर समस्त मनोवैज्ञानिक विकारों से बचाया जा सकता है।
कार्यशाला में मण्डल के झांसी जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल शिव सागर, जनपद जालौन के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चन्द्र प्रकाश द्वारा समावेशी शिक्षा में अपने जनपद की प्रगति को प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला के अन्त में मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) झाँसी अरुण कुमार द्वारा कार्यशाला में तीनों जनपद से आये समस्त प्रतिभागियों को कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में समझाते हुये समावेशी शिक्षा के उन्नयन के लिये पूरे मनोयोग से कार्य करने हेतु निर्देशित कर प्रोत्साहित किया। कार्यशाला का संचालन जनपद के एस आर जी धर्मेन्द्र चौधरी द्वारा किया गया।
राज्य परियोजना कार्यालय से समावेशी शिक्षा के वरिष्ठ विशेषज्ञ नन्द कुमार अपने सहयोगी अमरेश चन्द्र के साथ कार्यशाला में मार्गदर्शन हेतु उपस्थित हुये।
मण्डलीय कार्यशाला में झांसी मण्डल के तीनों जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा), समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, समस्त स्पेशल एजुकेटर्स एवं फिजियोथेरेपिस्ट तथा दिव्यांग बच्चे अपने माता पिता के साथ उपस्थित हुये।

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41024समावेशी शिक्षा के उन्नयन हेतु एक दिवसीय मण्डलीय कार्यशाला का आयोजन