
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, नमांमि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति और नियोजन आदि के कार्यों की समीक्षा की गई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और टेट की परीक्षाएँ शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हुई। किसी भी जनपद से शिकायत नहीं आई। इसी क्रम में आगामी 15 जून, 2023 को प्रस्तावित संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा-2023 आयोजित होगी, जिसमें 4,72,882 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। 1108 केन्द्रों पर पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधायें उपलब्ध हो और सी0सी0टी0वी0 कैमरे क्रियाशील होने चाहिये। इस परीक्षा को नकलविहीन व पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियों को समय से पूरा कर लिया जाये। जिस जनपद में नोडल विश्ववविद्यालय उपलब्ध हैं, उस जनपद के नोडल अधिकारी/नोडल समन्वयक भी ट्रेजरी में गोपनीय साम्रगी के खोले जाने/जमा किये जाने के समय ट्रेजरी में उपस्थित रहेंगे। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिये।
जन समस्याओं के निस्तारण की प्रगति समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि आईजीआरएस में आने वाले मामलों को रिव्यू कर उसका भी समयबद्ध निस्तारण कराया जाये।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को योग का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से इस वर्ष 15 जून से 21 जून, 2023 तक योग सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। समस्त जिला मुख्यालयों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सार्वजनिक पार्कों में प्रतिदिन प्रातःकाल 06 बजे से 08 बजे तक सामूहिक योगाभ्यास हो। विश्ववविद्यालय, महाविद्यालय, स्कूल, कॉलेज में योग से संबंधित भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएं, जिससे योग के बारे में जागरूकता आये। कार्यक्रमों के आयोजन में समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यक्रमो में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाए। समस्त कार्यक्रमों के आयोजन में पुलिस द्वारा समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रमों से पूर्व सभी ग्राम पंचायत/नगर निकायों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। योग सप्ताह एवं अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की फोटो एवं प्रतिभागियों की संख्या https://upayushsociety-com/ वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अतः उक्त एप एवं वेबसाइट का विवरण आयुष कवच एप (Ayush Kavach App) का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। वाइ-ब्रेक प्रोटोकॉल एप (Y-Break protocol/app) को सभी सरकारी कार्यालयों में अभ्यास कराया जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल शक्ति अभियान भारत सरकार की योजना है। जिसके तहत हमें पानी संचयन के प्राचीन संसाधनों का जीर्णाेद्धार करना है। इसमें तालाबों व ड्रेन की सफाई आदि शामिल है। इसके अलावा सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम बनाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान में कैच दी रेन कार्यक्रम भी शामिल किया गया है। इसमें जल संचयन के संसाधनों के माध्यम से बारिश के पानी का संचय करना है ताकि जरूरत के समय उसका प्रयोग किया जा सके। जल संचयन के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके।
इससे पूर्व, जिलाधिकारी जालौन ने शहरी निराश्रित गौवंश संरक्षण अभियान के विषय पर प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि जनपद के 11 नगर क्षेत्रों में लगभग 1500 निराश्रित गौवंश थे, जिसकी वजह से स्थानीय निवासियों में रोष था। स्वच्छता की लगातार शिकायतें मिलती थीं जबकि बाजार क्षेत्रों में दुर्घटनाएं भी होती थीं। इसके निदान के लिए गौ संरक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसमें डीएम समेत सीडीओ, सीवीओ और स्थानीय हितधारकों को सम्मिलत किया गया है। क्यूआर कोड से सरल डोनेशन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ प्रचार-प्रसार किया गया। निराश्रित गोवंश की समस्या से निजात के लिए एसओपी जारी की गई। 5 कैटल कैचर टीम का गठन किया गया। 25 कर्मियों का प्रशिक्षण व प्रोत्साहन प्रदान किया गया। निकटतम गौशालाओं के साथ लक्षित क्षेत्रों की मैपिंग की गई। प्रतिदिन रात 9 बजे से 12 बजे तक सघन अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप तीन सप्ताह में आवारा गौवंशों की आबादी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। निजी गौवंशों को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ा जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं और केजुअल्टी की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है तो स्थानीय निवासियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली जबकि साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
इसी क्रम में जिलाधिकारी कौशाम्बी ने नगर पालिका परिषद मंझनपुर प्रगति के पथ पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 को नगर पालिका परिषद मंझनपुर का गठन हुआ, जिसमें कुल 25 वार्ड सम्मिलित है। मंझनपुर निकाय का क्षेत्रफल 48.92 वर्ग किमी० है। जनगणना-2011 के अनुसार मंझनपुर निकाय की जनसंख्या 1,04,860 है। विगत एक वर्ष में पानी निकासी के सुचारू ड्रेनेज की व्यवस्था, मंझनपुर चौराहे पर होने वाली अनाधिकृत पार्किंग की जगह नगर के तीनों मुख्य मार्गों पर अधिकृत वाहन पार्किंग स्थल का चिन्हीकरण एवं निर्माण, मंझनपुर बाजार क्षेत्र के संकरे रास्तो का अतिक्रमण हटाते हुये मार्गाे का चौड़ीकरण, सड़क किनारे लगने वाली सब्जी/फल की दुकानों को हटाकर नवनिर्मित सब्जी/फल मण्डी की स्थापना समेत अनेक कार्य किए गए हैं। शहर के मुख्य चौराहे को तिरंगा थीम पर स्म्क् लाइट लगाई गयी। मुख्य मार्ग के डिवाइडर पर हरित पट्टी निर्माण हेतु वृक्षारोपण कराये गये। नगर क्षेत्र में पड़ने वाले 06 तालाबों को सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अलीगढ़ ने बेहतर कार्यालय अभियान के बारे में अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य कार्यालयों मे अतिरिक्त कार्य स्थल बनाना, अतिरिक्त फर्नीचर/उपकरणों को उपयोगी बनाना, आम जनमानस के लिये सुविधायें विकसित करना, पुराने भवनों को उपयोगी बनाना, शासकीय धन का अपव्यय रोकना, बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करना, कर्मचारियों में जनता के प्रति बेहतर कार्य परिवेश पैदा करना और अभिलेखीय रख-रखाव व्यवस्थित करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक माह निरीक्षण के लिए 25 बिंदु निर्धारित किये गए, प्रत्येक बिंदु के आधार पर 4 अंक निर्धारित किये। इससे सरकारी इमारतों का रख रखाव बेहतर हुआ। 40 साल पुराने रिकॉर्ड का उचित एवं नियमानुसार निस्तारण किया गया। अनुपयोगी फर्नीचर को लगभग 40 स्कूलों में वितरित किया गया और बेहतर और अनुशासित परिवेश का सृजन हुआ।
बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आयुष लीना जौहरी, प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण बलकार सिंह सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनआईसी झांसी में मंडलायुक्त डॉ आदर्श सिंह, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, सीडीओ जुनैद अहमद, डीएफओ एमपी गौतम, डीडी सांख्यिकी एसएन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे/