*जालौन,ब्रेकिंग*…… *काश इन बच्चों को भी मिल जाता कोई द्रोणाचार्य* जो इनके सिर पर ममतामई हाथ रखकर इन्हें भी देते शिक्षा -दीक्षा। कोई द्रोणाचार्य अपना लेता इन मासूम एकलव्य को। शिक्षा दीक्षा से महरूम इन बच्चों को आज़ भी इंतजार है किसी गुरु वशिष्ठ का। ये भी पढना- लिखना चाहते हैं, नौकरी कर अपने घर परिवार का मान बढ़ाना चाहते हैं। हम रुबरु कराएंगे समाज के ऐसे बच्चों से जो कबाड़ में अपनी जिंदगी ढूंढ कर अपने परिजनों का सहारा बने हुए हैं। रविकांत द्विवेदी,जालौन-यूपी Post Views: 8 Jhansidarshan.in Post navigation *कमल खिलाने के लिए भाजपा पहुँची भगवान के द्वार रिपोर्ट – रविकांत द्विवेदी* *दबंगो ने गर्भवती महिला व उसके परिजनों से की मारपीट,वीडियो हुआ वायरल रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी*