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*एक दिवसीय पोषण वाटिका प्रशिक्षण का हुआ आयोजन*

एक दिवसीय पोषण वाटिका प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोंच के प्रांगढ़ में ऑफ कैम्पस प्रसार कार्यकत्रियों हेतु एक दिवसीय पोषण वाटिका प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें कोंच एवं नदीगांव ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकत्री ने प्रतिभाग किया। उपस्थित आंगनवाडी कार्यकत्री अपने केंद्रों पर स्कूल एवं घरों पर पोषण वाटिका लगाने के लिए प्रेरित किया पोषण वाटिका के महत्व एवं संतुलित आहार के बारे डा. राजकुमारी ग्रह वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र जालौन के द्वारा जानकारी दी गई गयी। परिवार को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एससीएसपी योजना के अंतर्गत उन्नत किस्म के खरीफ सब्जी बीज किट का वितरण भी डॉक्टर राजकुमार जी के द्वारा कराया गया ल। उन्होंने बताया कि आज फल एवं सब्जियों की ऊंची कीमतें आहार में फल एवं सब्जियों की अपर्याप्त मात्रा रसायनिक युक्त सब्जियां असंतुलित भोजन आदि समस्याओं का कारण है। जिसका निवारण एकमात्र पोषण वाटिका लगाना ही है। पोषण वाटिका के माध्यम से हम अपने परिवार के पोषण स्तर में सुधार ला सकते हैं। इस बार पोषण वाटिका के माध्यम से सब्जी एवं फल गरीबी स्तर से नीचे रहने वाले परिवार जिनकी पहुंच में आ सकती है। इसको लगाना सरल एवं आसान है। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. राजकुमारी के द्वारा कयारी तैयार करना सब्जी बीज जैसे भिंडी, लौकी, तोरई, कद्दू, पालक, धनिया, मिर्च, टमाटर, बैंगन आदि को लगाने एवं उनकी नर्सरी तैयार करने का तरीका बताया गया। स्थान के अभाव में महिलाएं घर पर ही खाली डिब्बा खराब बाल्टी का प्रयोग कर बीज को वो सकती हैं। पोषण वाटिका लगाने के क्रम में वंदना वर्मा सीडीपीओ कोंच के द्वारा सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्री को अपने आंगनवाड़ी केंद्र विद्यालय परिसर घरों एवं केंद्र के लाभार्थियों के घरों में भी लगाने के लिए प्रेरित किया गया। गर्भवती महिला अपने घरों में पोषण वाटिका तैयार कर सकती है। सहजन पोषण प्राप्त करने का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है इस पौधे की जड़ से लेकर पौधे का प्रत्येक भाग जैसे जड़ तना फूल फल बीज पत्ती इत्यादि पोषण प्रदान करते हैं। इस पौधे का प्रयोग अगर परिवार करता है तो परिवार के सभी व्यक्ति पोषित होंगे। गर्भवती महिलाओं कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के खान पान के बारे में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है हमारा प्रयास है कि कुपोषण इन लाभार्थियों से दूर रहे हमें सजग रहना होगा और इसका एक सरल प्रयास पोषण वाटिका लगाना है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना वर्मा के द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में दर्ज स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को विद्यालय में पुनः प्रवेश दिलाने के लिए अपील की गई कि आंगनवाडी कार्यकत्री अपने गांव में उन सभी किशोरी के परिवारों को प्रेरित करें कि वह अपने बच्चियों को शिक्षा की धारा से जोड़ कर रखें उन्हें शिक्षा से वंचित ना करें पैसे के अभाव या कुछ समस्याओं के कारण उनकी पढ़ाई नहीं छुड़वाने चाहिए। जिसका हल अपनी किशोरियों को कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में पुनः प्रवेश दिलाकर किया जा सकता है।

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