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*विकास के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार प्रशासन सो रहा कुंभकरण की नींद*

*विकास के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार प्रशासन सो रहा कुंभकरण की नींद*

रिपोर्ट,रविकांत द्विवेदी

उरई:-जनपद में विकास के नाम पर होता तो बहुत कुछ है और उनका उद्घाटन भी जोरशोर से होता है लेकिन अगर किसी विकास कार्य में भ्रष्टाचार का तड़का लग जाए तो सरकार की बदनामी तो होती ही है साथ ही जनपद के आलाधिकारियों को भी खरीखोटी सुनी पड़ती है। लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनकी आदतों में भ्रष्टाचार शुमार हो गया है। कुछ ऐसा ही बिलौहा/ चंदावली कुछ मार्ग में देखने को मिला जिसका उद्घाटन भी जोरशोर से हुआ और दो दिन में ही सड़क उखड़ भी गई क्षेत्र के ही एक युवक द्वारा नवनिर्मित सड़क
की दुर्दशा के वायरल किए गए वीडियो ने सड़क बनाने वाले विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया। हालांकि विभाग और उस सड़क से जुड़े अधिकारियों को बचाने के लिए सत्ताधारी ताल ठोककर खड़े हैं लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वह इस सड़क पर हुए बंदरबांट शिकायत शासन स्तर तक करेंगे। फिलहाल सड़क के मानकों की जांच के आदेश जिलाधिकारी ने दिए थे। अब जांच में अगर सब कुछ ओके पाया जाता है तो निश्चित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस सड़क को लेकर क्षेत्रीय विधायक ने भी मानकविहीन सड़क बनने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड प्रथम उरई द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला योजना के अंतर्गत बिलौहा से चंदावली संपर्क मार्ग का निर्माण कुछ
दिन पूर्व कराया गया था। क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र सिंह निरंजन ने बाकायदा इस सड़क का उद्घाटन किया था और ग्रामीणों से कहा था कि योगी सरकार विकास को लेकर वचनबद्ध है लेकिन दो दिन में सड़क का विकास ऐसा बोला कि सड़क पर डाली गिट्टी उखड़ने लगी। एक युवक ने इस नवनिर्मित सड़क की दुर्दशा को दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जिसको संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एक जांच टीम भी गठित की। वहीं दो दिन पहले जिस सड़क का उद्घाटन करके कसीदे पढ़ने वाले क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन को भी जोर का झटका धीरे से लगा और उन्होंने भी जांच के आदेश दिए। ये महानता है विधायक की कि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने खुद जाकर सड़क देखी जो कि मानकों के अनुसार
नहीं बनी है। अब विधायक को भी झटका तो लगा ही था लेकिन कुछ जिम्मेदार लोगों को बचाना भी था जिसके चलते विधायक ने उसी विभाग को जांच करने का पत्र दिया जिस विभाग ने सड़क बनाई थी। हालांकि विधायक ने अपनी गेंद तो विभाग के पाले में फेंक दी लेकिन विभाग के अधिकारी क्या खुद के द्वारा बनाई गई सड़क को खराब बताएंगे। उक्त सड़क की अगर टीएसी जांच हो जाए तो निश्चित तौर पर अधिकारियों पर करवाई तय है लेकिन इस पूरे मामले में हर कोई एक को बचाने में लगा है। कोई एक दूसरे को बचाने में लगा है क्योंकि अगर मामले की पूरी सच्चाई उजागर हुई तो निश्चित तौर पर किसी न किसी का दामन तो दागदार हो ही जाएगा। हालांकि जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन इस मामले को लेकर किसी भी दोषी को कोई भी रियायत देना नहीं चाहती।

तो क्या सड़क पर चलकर देखने पर भी माननीय को नहीं दिखा भ्रष्टाचार?

6 जून समय तीन बजे के आसपास पूरे जोश से लबरेज माधौगढ़ विधायक ने बिलौहा से | चंदावली सड़क का उद्घाटन किया और सरकार की योजनाओं का बखान भी किया और ये भी बताया कि किस तरीके से योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल फैला रही है और नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता भी पैदल | चलकर देखी। माननीय को उस समय तो सड़क गुणवत्ता से परिपूर्ण दिखी। साथ में सड़क बनाने वाली संस्था के अधिकारी और सड़क का निर्माण करने वाले ठेकेदार भी मौजूद थे। सड़क की गुणवत्ता देख माननीय ने | | जिम्मेदारों की पीठ भी थपथपाई लेकिन पल भर में वह हो गया जिसका किसी को अंदाजा ही में वह हो गया जिसका किसी को अंदाजा ही नहीं था। सड़क बनने की अपार खुशी से लबरेज ग्रामीण जब सुबह जागे और उस सड़क पर चले तो उनको पैरों के नीचे से जमीन तो नहीं सरकी लेकिन नवनिर्मित सड़क की डामर | और गिट्टी जरूर सरक गई। फिर क्या था ग्रामीणों ने हो हल्ला मचाना शुरू कर दिया।

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