भागवताचार्य आचार्य रामस्वरूप चौबे की संगीतमयी भागवत कथा सुनने उमड़े हजारों श्रद्धालु
कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम नादई में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन में नंद घर आन्नद भयो, जय कन्हैया लाल की, के साथ शतचंडी महायज्ञ के पांचवे दिन कृष्ण जन्म की कथा का रसपान बैठे श्रोत्राओ को कथा व्यास द्वारा कराया गया। यज्ञ परिसर सहित भागवत पंडाल मे कृष्ण महोत्सव के बडी धूमधाम से मनाया गया।इस दौरान संगीतमयी भागवत कथा सुन भक्तो द्वारा नृत्य भी किया गया। भागवताचार्य पं. आचार्य रामस्वरूप चौबे द्वारा शतचंडी महायज्ञ मे श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा को पंडाल मे बैठे श्रोत्राओ को श्रवण कराते हुये पूरा पंडाल बृजधाम बना दिया।व्यास जी ने कृष्ण जी के महत्व को समझाते हुये अपनी सरस भाषा मे कहा कि देवकी वासुदेव के मथुरा जेल मे कृष्ण भगवान का जैसे प्रागट्य हुआ तो सुर नर मुनि देवी देवता सभी उनकी आराधना करने लगे। जब भगवान किसी के मिल जाते है तो वह सब बंधनो से मुक्त हो जाता है।उसे कोई भी बंधन बांध नही सकता। इसी प्रकार देवकी और वासुदेव भी जेल के बंधनो से मुक्त हो गये और उनकी बेडियाँ तथा जेल के ताले भी अपने आप टूट गये और वासुदेव को मौका मिल गया वह अपने लाला को गोकुल नंद बाबा के यहा छोड आये।जब सुवह.सभी गोकुल मे जागे तो पाया कि यशोदा मइया के यहा लाला का जन्म हुआ। पूरी गोकुल यह सुन आन्नदित हो गयी और झूमने नाचने लगे महिलाओ द्वारा सोहरे गीत गाये जाने लगे। ऐसा ही माहौल भागवत कथा मे हुआ।भक्त कृष्ण महोत्सव की कथा सुनते ही झूमने लगे। पारीक्षित गिरजा देवी पति बीरेंद्र सिंह, वहीं इस कथा में पूर्व विधायक उमाकान्ती सिंह पत्नी सुरेश सिंह सरसेला पूर्व ब्लाक प्रमुख डा अजय पाल सिंह चौहान, रामनरेश सिंह चौहान, ठाकुर बाबा जी महाराज, सोनू सिंह चौहान, प्रतीक सिंह चौहान, आयुष सिंह ग्रामीण उपस्थित रहे।