सतर्कता और जागरूकता से ही साइबर अपराध पर नियंत्रण संभव” अपर जिलाधिकारी*
*”सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026″ विषय पर कार्यशाला का हुआ आयोजन*
झांसी : अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री योगेन्द्र कुमार के निर्देशानुसार नवीन सभागार, कलेक्ट्रेट में “इंटरनेट का सुरक्षित प्रयोग” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ईशाक अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आकाश रंजन, पुलिस विभाग से साइबर सेल के अधिकारी, तकनीकि इंजीनियर निकनेट, आई रेड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एवं जिले के कॉमन सर्विस सेंटर संचालक सहित विभिन्न विद्यालय के अध्यापक आदि उपस्थित रहे ।
इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ईशाक अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष माह फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व स्तर पर “Safer Internet Day” मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि” Smart-tech, Safe choices- Exploring the safe and responsible use of AI ” थीम के तहत इस वर्ष भी आज 10 फरवरी 2026 को “Safer Internet Day” मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना और उन्हें साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखना है।
उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं जिसके कारण उन्हें कभी-कभी भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता और व्यक्तिगत डाटा भी चोरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय किसी भी अनजाने लिंक पर क्लिक न करें हो सकता है, वह साइबर अपराधियों से संबंधित हो। उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्टिंग जैसी कोई भी वैधानिक प्रक्रिया नहीं है, यदि इस प्रकार की कोई कॉल आती है तो तत्काल 1930 पर उसकी सूचना दें, ताकि साइबर अपराधियों के खिलाफ समुचित स्तर से उचित कार्य अमल में लाई जा सके।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने सचेत करते हुए यह भी बताया कि अनजान किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, डेबिट / क्रेडिट कार्ड अथवा अकाउंट नंबर शेयर न करें तथा अनजानी इंटरनेट कॉलिंग को रिसीव करते हुए विशेष रूप से सुरक्षा बरतें और ज्यादा बेहतर है कि उसको रिसीव न करें और यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव कर ली गई है तो उसके बताए हुए किसी भी निर्देश का पालन कदापि न करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपने घरों के सदस्यों खास तौर से पढ़ने वाले बच्चों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले फोन को सुरक्षित रूप से प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें और समय-समय पर साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखने के लिए उनके मोबाइल को मॉनिटर करते रहें।
उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता से ही साइबर अपराध पर नियंत्रण किया जा सकता है।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, साइबर क्राइम से संबंधित पुलिसकर्मी, सीएससी के संचालक उपस्थित रहे।