विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की गोली*
*जनपद में आयोजित हुआ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस*
*पेट के कीड़े के संक्रमण को दूर करने से मिलती है एनीमिया से मुक्ति- सीएमओ*
*बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं सीखने की क्षमता में होती है वृद्धि- डॉ एन के जैन*
*जनपद के सरकारी व निजी विद्यालयों एवं मदरसों में खिलाई गई गोली-डॉ रमाकांत स्वर्णकार*
*सीएमओ की टीम ने स्वयं गोली खाकर किया बच्चों को प्रेरित*
स्वास्थ्य विभाग झांसी द्वारा 01-19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस विभाग के सहयोग से किया गया। तत्क्रम में डॉ सुधाकर पांडेय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी की अध्यक्षता में एलन हाउस पब्लिक स्कूल बिजौली झांसी में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आयोजित किया गया। विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ सुधाकर पांडेय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 10 फरवरी एवं 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है। 6 महीने के अंतराल पर 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली एल्बेंडाजोल खिलाई जाती है। पेट के कीड़ों के संक्रमण से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों के पोषण स्तर में कमी आती है एवं बच्चों में एनीमिया हो जाता है, जिसके लिए अत्यंत आवश्यक है कि कृमि नियंत्रण हेतु बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाए। वर्ष में दो बार 6 माह के अंतराल पर माह फरवरी एवं माह अगस्त में आयोजित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर विभाग द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही एल्बेंडाजोल की गोली सभी को खानी चाहिए।
नोडल अधिकारी डॉ रमाकांत स्वर्णकार जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि फरवरी 2026 में 933000 बच्चों को एक साथ एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जा रही है। आज जिन बच्चों ने गोली नहीं खाई है अथवा जो आज अनुपस्थित रहे हैं, उन सभी बच्चों को आगामी दिनांक 13 फरवरी 2026 को माॅपअप दिवस पर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि जिनके बच्चों ने आज गोली नहीं खाई है, वे सभी 13 फरवरी माॅपअप दिवस पर गोली अवश्य खाएं। यह कार्यक्रम समस्त शासकीय, शासकीय सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित किया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन के जैन ने बताया कि डिवर्मिंग से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, उनके पोषण स्तर में सुधार होता है। साथ ही एनीमिया की स्थिति में भी सुधार होता है क्योंकि पेट में कृमि संक्रमण होने से बच्चों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अतः सभी को डिवर्मिंग टैबलेट एल्बेंडाजोल अवश्य खानी चाहिए।
कार्यक्रम में पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ विजयश्री शुक्ला ने कृमि संक्रमण से बचाव के तरीके, स्वच्छ आदतें, एनीमिया को दूर करने हेतु आयरन युक्त आहार आदि के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए सभी को व्यक्तिगत व पर्यावरणीय स्वच्छता, फल व सब्जियों को साफ पानी से धोने, हाथों की सफाई आदि स्वच्छ आदतें अपनाने पर बल दिया।
डीईआईसी मैनेजर डॉ रामबाबू कुमार ने बताया कि कृमि संक्रमण के लिए एकमात्र सुरक्षित और लाभकारी डिवर्मिंग टैबलेट एल्बेंडाजोल 400मिग्रा का उपयोग किया जाता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल संचालन हेतु विभाग द्वारा समस्त अपर व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में प्रत्येक विकासखंड में ड्यूटी लगाई गई, जिनके द्वारा नामित ब्लॉक एवं नगर क्षेत्र में भ्रमण किया गया व कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की गई।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती प्रिया मालवीया द्वारा किया गया।
एलन हाउस पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम के अवसर पर डॉ एन के जैन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी डॉ रमाकांत स्वर्णकार, चिकित्सा अधिकारी डॉ शैलेश गुप्ता, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ विजयश्री शुक्ला, डीईआईसी मैनेजर डॉ रामबाबू कुमार, प्रधानाचार्य श्री विपिन कुमार तिवारी, उप प्रधानाचार्य श्रीमती मनीषा एंड्रियाज, नोडल अध्यापक श्री रानू राजपूत, डॉ ए एस व्यास सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।