“एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ
झांसी मंडल के अंतर्गत रेलवे स्टेशन उरई पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हेड कांस्टेबल श्री भीमसेन त्रिपाठी को उनके अद्वितीय साहस, सतर्कता एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए मंडल रेल प्रबंधक, झांसी श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा “एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
दिनांक 21.01.2026 को प्रातः लगभग 09:20 बजे, रेलवे स्टेशन उरई पर प्लेटफॉर्म संख्या 03 पर गाड़ी संख्या 22583 मुंबई एलटीटी–अयोध्या एक्सप्रेस के आगमन के दौरान, सीसीटीवी कक्ष से निगरानी करते समय श्री त्रिपाठी ने देखा कि एक यात्री प्लेटफॉर्म संख्या 01 एवं 02 के मध्य रेलवे लाइनों को पार कर प्लेटफॉर्म संख्या 03 पर आ रही ट्रेन पकड़ने का प्रयास कर रहा है। इसी दौरान डाउन मेन लाइन पर प्लेटफॉर्म संख्या 02 से एक ट्रेन तेज गति से गुजरने वाली थी।
स्थिति की गंभीरता और संभावित खतरे को भांपते हुए, रेलवे सुरक्षा बल के जवान श्री भीमसेन त्रिपाठी ने असाधारण तत्परता का परिचय देते हुए बिना किसी विलंब एवं अपनी जान की परवाह किए तत्काल सीसीटीवी कक्ष से बाहर निकलकर रेलवे लाइन पार कर रहे यात्री को सुरक्षित रूप से उठाया और प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर चढ़ाकर उसकी जान बचाई। उनके इस साहसिक एवं त्वरित कार्यवाही से एक अमूल्य जीवन सुरक्षित हो सका। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
श्री त्रिपाठी के इस सराहनीय, साहसिक एवं कर्तव्यनिष्ठ कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मंडल रेल प्रबंधक, झांसी श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा उन्हें ₹2000/- नकद पुरस्कार एवं “एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ” का प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक/इंफ्रा श्री नंदीश शुक्ला, अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन श्री पी.पी. शर्मा तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी श्री विवेकानंद नारायण भी उपस्थित रहे।
झांसी मंडल ऐसे कर्तव्यपरायण एवं समर्पित रेल कर्मियों पर गर्व करता है, जिनकी सजगता, तत्परता एवं त्वरित कार्यवाही से रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में मानवीय संवेदना एवं त्वरित कार्यवाही का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब लगभग 04 वर्ष का एक बालक अभिपाल अपने मामा से बिछुड़कर रोते हुए कार्यालय परिसर में इधर-उधर भटकता पाया गया।
कुछ समय पश्चात बालक रोते हुए वाणिज्य कार्यालय के समीप पहुँचा, जहाँ श्री आशीष कन्नौजिया एवं श्री कमलेश मीना की उस पर नजर पड़ी। दोनों कर्मचारियों द्वारा तत्काल बालक के पास जाकर उससे जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया, किंतु अल्प आयु के कारण बालक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कंट्रोल को सूचित किया गया तथा बालक को सुरक्षित रखते हुए उसकी माता एवं परिजनों की तलाश प्रारंभ की गई। सतत प्रयासों के फलस्वरूप बालक के मामा श्री हिमांशु पाल से संपर्क स्थापित हुआ। उन्होंने बताया कि बालक की माता श्रीमती कृति पाल दया धार के आधार पर CUG (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात ) परीक्षा देने गई हुई थीं, इसी दौरान बालक उनसे बिछुड़ गया था।
सभी तथ्यों की पुष्टि के उपरांत श्री आशीष कन्नौजिया (मुख्य कार्यालय अधीक्षक) एवं श्री कमलेश मीना (कार्यालय अधीक्षक) द्वारा सहकर्मी श्री विवेक लिखार, सुश्री जूली एवं सुश्री रति मौर्य की उपस्थिति में बालक को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस त्वरित, संवेदनशील एवं जिम्मेदार कार्यवाही से एक नन्हे बालक को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया जा सका, जो रेलवे कर्मियों की मानवीय सोच और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप स्वरूप मिश्रा एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (प्रशासन) डॉ. सुनीता तिर्की के नेतृत्व में रानी लक्ष्मीबाई जूनियर हाई स्कूल, झाँसी में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत एक स्वास्थ्य जांच एवं औषधि वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान डॉ. पूनम एवं डॉ. नितेश भारद्वाज द्वारा बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें एल्बेंडाजोल टैबलेट का सेवन कराया गया। स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत बच्चों के दृष्टि परीक्षण (विजन स्क्रीनिंग), त्वचा संक्रमण, दंत क्षय (डेंटल कैरीज), मुख स्वच्छता, नाखून स्वच्छता, एनीमिया एवं विकासात्मक माइलस्टोन आदि की जांच की गई।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुमन कश्यप, उप प्रधानाध्यापिका श्रीमती अर्चना मिश्रा सहित अध्यापिकाएं श्रीमती वंदना शर्मा, श्रीमती सुनीता कुशवाहा, श्रीमती ज्योति सक्सेना, श्रीमती श्रृंखला खरे, श्रीमती स्नेहा लिटोरिया, श्रीमती कल्पना पवार, श्रीमती दीपाली साहू, श्रीमती सबीना एवं श्रीमती क्षमा विश्वकर्मा उपस्थित रहीं।
शिविर में कुल 66 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस शिविर में एम.एच.ए. श्री राजेंद्र भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य बच्चों में कृमि संक्रमण से बचाव के साथ-साथ उनके सर्वांगीण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
उक्त निर्माण कार्य के चलते समपार फाटक संख्या S-10 को दिनांक 11.02.2026 से यातायात हेतु स्थायी रूप से बंद किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान इस समपार से होकर गुजरने वाला समस्त सड़क यातायात वैकल्पिक रूप से समीपवर्ती समपार फाटक संख्या S-13 से संचालित किया जाएगा।
अंडरपास निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत सड़क यातायात को पुनः नवनिर्मित अंडरपास के माध्यम से सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा।
रेल प्रशासन द्वारा सड़क उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि निर्माण अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करते हुए प्रशासन का सहयोग करें।