
कोंच जिले के चर्चित बाल यौन उत्पीडऩ कांड को अंजाम देने बाला हैवान पूर्व लेखपाल रामबिहारी राठौर दिमागी तौर पर कितना विकृत है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपने गुनाहों के रिकॉर्ड भी वह सहेज कर रखता था। उन्हीं रिकॉर्डों के आधार पर वह पीडि़तों को ब्लैकमेल कर लगातार उनका यौन शोषण करता रहा। घर में तलाशी के दौरान झांसी से आई साइबर क्राइम टीम को जो सामान रामबिहारी के घर में मिला था उसके परीक्षण में निकल कर आया है कि रामबिहारी के पेन ड्राइवों में पांच दर्जन से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले हैं लेकिन बरामद हार्ड डिस्क से सभी वीडियो डिलीट कर दिए गए हैं जिनकी रिकवरी के प्रयास में साइबर एक्सपर्ट लगे हैं। हार्ड डिस्क को आगरा प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि 12 जनवरी को कोंच पुलिस ने बाल यौन उत्पीडऩ के बड़े और सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ किया था और नाबालिगों के साथ हैवानियत भरे कुकर्मों को अंजाम देने बाले पूर्व लेखपाल रामबिहारी राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद उस वहशी दरिंदे के घर की तलाशी में पुलिस, फील्ड यूनिट और साइबर क्राइम टीम को हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, लैपटॉप, तमाम सिमकार्ड, काम बर्धक दवाओं का जखीरा आदि तमाम सामान बरामद हुआ था। इसमें कुछ चीजें फील्ड यूनिट परीक्षण के लिए ले गई थी तो वहीं हार्ड डिस्क और रामबिहारी के तीन पेन ड्राइव जो 16 और 32 जीबी के हैं, झांसी से आई साइबर टीम ले गई थी। साइबर एक्सपर्ट्स ने जब पेन ड्राइवों को खंगाला तो उनमें 61 अश्लील वीडियो मिले हैं। ये सारे वीडियो आधे घंटे से ऊपर के हैं। साइबर एक्सपर्ट्स की जांच में यह भी साफ हो गया है कि इनमें से फिलहाल कोई वीडियो इंटरनेट पर अपलोड नहीं किया गया है। हार्ड डिस्क के वीडियो जरूर डिलीट कर दिए गए हैं। इन डिलीट वीडियो की रिकवरी के लिए हार्ड डिस्क को आगरा प्रयोगशाला भेजे जाने की बात सामने आई है। पेन ड्राइवों से मिले वीडियो मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को दे दिए गए हैं।
तलाशी में नहीं मिली रामबिहारी की रिवॉल्वर
कोंच। कमोवेश दर्जन भर नाबालिगों का यौन शोषण करने बाले पूर्व लेखपाल रामविहारी के यहां तमाम घर छानने के बाद भी पुलिस उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर और कार को बरामद नहीं कर सकी है। हालांकि अब पुलिस उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए लिखापढी कर रही है। गौरतलब है कि भोकाल बनाने में माहिर रामबिहारी नेे अपना शस्त्र लाइसेंस भी बनवा लिया था और रिवॉल्वर अपने बगल में खौंस कर रौब गालिब करता था। नाबालिगों के साथ यौन शोषण का मामला उजागर होने के बाद कोतवाली पुलिस के अलावा फील्ड यूनिट तथा साइबर क्राइम टीम आदि भी कई दफा उसके घर और उस ऐशगाह जहां वह अपने कुकृत्यों को अंजाम देता था, की गहन तलाशी ले चुकी है लेकिन उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पुलिस के हत्थे नहीं चढ सकी है। बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर उसका लाइसेंसी असलहा गया कहां। हालांकि जनता के बीच ऐसी भी चर्चाएं हैं कि जब वह जुए में नकद रकम हार जाता था तो रिवौल्वर गिरवी रख कर पैसेे उठाता रहा था और बाद में सूदखोर के पैसे लौैटा कर रिवॉल्वर बापिस ले लेता था। घर में रिवॉल्वर का न मिलना इस ओर भी इशारा करता दिख रहा है कि कहीं उसने गिरवी तो नहीं रखी है किसी के पास। बहरहाल, सीओ राहुल पांडे का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
कार और बाइक भी हैं लापता
कोंच। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म करने बाले हैवान रामबिहारी ने ऐशोआराम के सभी साधन जुटा रखे थे। उसके पास एक कार भी है लेेकिन तलाशी में पुलिस को कार नहीं मिली इसके अलावा उसकी बाइक भी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी है। इसी बाइक पर वह नाबालिग शिकारों को घुमाता था। इलाके के लोग बताते हैं कि रामबिहारी इसी कार में छोटेे छोटे किशोरों को घुमाने ले जाता था और फिर उन्हीं को अपना शिकार बना लेता था। इसके अलावा पार्टी के कामों में भी वह कार का उपयोग करता था। मोहल्ले के लोगों की अगर मानें तो कार एक दुर्घटना में डैमेज हो गई थी और किसी गैराज में ठीक होने के लिए गई थी जो अब तक बापिस नहीं आई थी।
सत्ता की हनक में कइयों के खिलाफ लिखा चुका है रिपोर्ट
_कोंच। सत्तादल की राजनीति में सक्रियता ने उसके हौसलेे बुलंद कर रखे थे जिसके चलते दुष्कर्म का आरोपी पूर्व लेखपाल रामबिहारी राठौर अपने इलाके के आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में रिपोर्टें दर्ज करा चुका है औैर सत्तदल की धौंस में इलाके के लोगों पर रौब गांठता रहता था। इतना ही नहीं, लिखापढी करने में माहिर रामबिहारी अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायतें करता रहता था जिससे अधिकारी भी उससे दूरी बना कर रखते थे। एक महिला के बेटों के खिलाफ उसने अपने एससी गुर्गों के मार्फत हरिजन एक्ट की धाराओं में एफआईआर पंजीकृत करा चुका है।