हमारा उद्देश्य विद्या भारती के लक्ष्य को पूर्ण करना भगवत नारायण तिवारी प्रधानाचार्य स वि म इ.कॉ समथर (झाँसी ) उ0प्र0
कस्वा समथर के सरस्वती विद्या . मन्दिर इ कॉ समथर मेंविद्या भारती के लक्ष्य को लेकर भारतीय शिक्षा समिति कानपुर प्रान्त के निर्देश अनुसार आचार्य दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया इस वर्ग के सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित कक्षा शिक्षणआदि के बारे में सभी आचार्य एवं आचार्य दीदी ने अपने विचार रखें विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रमोद कुमार खरे ने बताते हुए विद्या भारती वर्ष 1952 से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रही है तथा युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यो एवं संस्कृति के अनरूप शिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है आचार्य सत्येंद्र सिंह चौहान ने समझाते हुए ब्लैक बोर्ड के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित कक्षा शिक्षण के बारे में बताया विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवत नारायण तिवारी ने बताते हुए कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कक्षा शिक्षण आदि के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा
शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा नीति है जिसे भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को घोषित किया गया। सन 1986 में जारी हुई नई शिक्षा नीति के बाद भारत की शिक्षा नीति में यह पहला बड़ा परिवर्तन है।[1][2] यह नीति अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर आधारित हैंं l राष्ट्रीय शिक्षा नीति 27 अध्याय ओर 4 भागों मे विभक्त है
प्रमुख बातें[3] (१) नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio-GER) को 100% लाने का लक्ष्य रखा गया है। (२) नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत शिक्षा क्षेत्र पर सकल घरेलू उत्पाद के 6% हिस्से के सार्वजनिक व्यय का लक्ष्य रखा गया है। (३) ‘मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय’ का नाम परिवर्तित कर ‘शिक्षा मंत्रालय’ कर दिया गया है। (४) पाँचवीं कक्षा तक की शिक्षा में मातृभाषा/स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया गया है। साथ ही मातृभाषा को कक्षा-8 और आगे की शिक्षा के लिये प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। (५) देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिये “भारतीय उच्च शिक्षा परिषद” नामक एक एकल नियामक की परिकल्पना की गई है। (६) शिक्षा नीति में यह पहला परिवर्तन बहुत पहले लिया गया था लेकिन अबकी बार 2020 में जारी किया गया|इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य प्रमोद कुमार खरे मुन्नालाल शर्मा भगवत कुशवाहा सत्येंद्र सिंह चौहान रमाकांत बादल बहन मानसी साहनीअजय कुमार राठौर राजेंद्र कुमार राजपूत जय प्रकाश सोनकर अरुण कुमार खरे प्रभाकांत मिश्रा रवि लुकमान सुभाष दुबे आदि समस्त आचार्य एवं आचार्या दीदी स्टाफ उपस्थित रहा। रिपोर्ट, दयाशंकर साहू पूंछ