मिर्जापुर में चकरोड़ की जाँच मे डीसी मनरेगा को मिली खामियां
जाँच में डीसी ने सचिव को कार्यवाही के आदेश दिये
माधौगढ़ (जालौन) :- ग्राम पंचायत मिर्जापुर में शिकायत पर जाँच करने पहुंचे डीसी मनरेगा नें चकबंध निर्माण की जाँच की जिसमें उन्होंने सचिव सुनील सोनकर को टीए द्वारा अभिलेख एवं स्थलीय जाँच कर कार्य को शून्य करने के निर्देश दिये,ग्रामीण द्वारा चकबंध निर्माण की शिकायत मनरेगा पटल पर दर्ज करवायी गई थी जिसमें खंड विकास अधिकारी नें भी जाँच करवाकर भुगतान न होने की चेतावनी दी थी तो वहीं मौके पर जाँच करने पहुंचे डीसी मनरेगा ने चकबंध निर्माण की स्थलीय जाँच की जबकि चकबंध में ग्रामीणों का आरोप है की काम मजदूरों से न करवाकर मशीन व रोटरबेटर से करवाया गया है तो वहीं ग्रामीण नें शिकायत में यह भी कहा है कि शालू के खेत से महाराज के खेत तक मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरी जा रही है एनएमएमएस में 40 मजदूर कार्यरत है जबकि चकबंध निर्माण का कार्य अपने निजी उदेश्य से जेसीवी द्वारा करवाया गया था। लेकिन प्रधान नें फर्जी स्टीमेट बनवाकर उसमें कार्य करवा दिया, डीसी नें ग्रामीणों व मजदूरों से चकबंध की जानकारी ली जिसमें ग्रामीणों नें मौके पर जाँच करने पहुंचे अधिकारी को वास्तविक जानकारी दी, चंद्रपाल के खेत से शिवकुमार के खेत तक जिसमें लगभग 2.40 लाख का भुगतान हुआ है, इसमें भी डीसी नें मौके पर पहुँच कर हकीकत जांची एवं जानकारी ली जिसमें जानकारी देते हुए ग्रामीणों नें बताया की कार्य पहले क्षेत्र पंचायत द्वारा करवाया गया था। लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा कार्य दिखाकर पैसे का गमन कर लिया गया।
मौके पर जाँच करने पहुंचे डीसी मनरेगा ने जानकारी देने से इंकार किया, जबकि उन्होंने सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की स्थलीय जाँच करवाकर खामी पाए जाने पर शून्य करने की कार्यवाही तत्काल करें।