झाँसी मंडल चिकित्सा विभाग के द्वारा कोविड-19 के दौर में योद्धाओं की तरह अहम् योगदान
कोविड जैसी विषम परिस्थिति में जहाँ घर से बाहर निकलना ही जान को खतरे में डालने जैसा है, ऐसी विषम परिस्थिति में भी रेलवे के डॉक्टर, चिकित्सा कर्मियों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ ने जान हथेली पर लेकर वीर योद्धाओं की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। रेलकर्मियों की स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी को मण्डलीय रेलवे अस्पताल के मेडिकल स्टाफ द्वारा पूरी तरह से रखा गया है I कोरोना महामारी के दूसरा दौर जोकि भयावह रहा उसमें भी हमारे चिकित्सक गण अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर निरंतर दिन रात स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करते रहे।
रेलवे चिकित्सालय में अपने स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा रेलवे स्टाफ के साथ – साथ L – 2 स्तर का 100 बैड वाले कोविड अस्पताल का संचालन भी किया गया। कोविड केंद्र में 20 ICU तथा 80 जनरल बेड की व्यवस्था की गई । इसमें 486 रेलकर्मियों तथा 1050 गैर रेलकर्मियों को मुकम्मल इलाज प्रदान करने के दौरान रेलवे के 12 चिकित्सक तथा 32 पैरामेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हुए, खुद का इलाज करने के उपरान्त स्वस्थ्य होकर पुनः रेलकर्मियों तथा गैर रेलकर्मियों की निस्वार्थ सेवा में जुट गए I उपरोक्त कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के अतिरिक्त ब्राह्य रोगी विभाग में 13445 मरीजों को स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श प्रदान किया गया I
यही नहीं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कोविड वैक्सीन को लगाने में भी रेलवे चिकित्सालय द्वारा अहम् भूमिका निभाई जा रही है। इसके लिए मंडल रेलवे अस्पताल द्वारा पूर्व चिकित्सक होस्टल को कोविड वैक्सीनशन केंद्र में बदल कर वैक्सीनशन किया जा रहा है जिसमें सामाजिक दूरी का पालन करा कर रेलवे मेडिकल स्टाफ द्वारा टीकाकरण को सफल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे के कोविड समन्वयक वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश चंद्रा द्वारा रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को कोविड 19 के प्रति सतर्कता के साथ ही वैक्सीनशन के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है जिससे रेल कर्मी स्वयं के साथ अपने परिवार के टीकाकरण की महत्वता को समझ कर यथा शीघ्र टीका लगवा रहे है।
मंडल रेल प्रबंधक श्री संदीप माथुर के दिशा निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आभा जैन के कुशल नेतृत्व में आवश्यक पैरा मेडिकल स्टाफ को भी आवश्यकतानुसार संविदा पर नियुक्त किया गया जिससे मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके। मण्डल चिकित्सालय द्वारा अब तक कुल 15259 रेलकर्मियों तथा गैर रेल कर्मियों को वैक्सीन लगाकर इस अभियान को मदद पहुंचाई गई है I
यह भी उल्लेखनीय है कि मंडल चिकित्सालय द्वारा अब तक करीब 6800 RTPCR तथा 9180 एंटीजन टेस्ट किये गए, जिनमे 1276 कोविड पॉजिटिव मरीजों को चिन्हित कर इलाज प्रदान किया गया I
राष्ट्रीय आपदा के समय अपने कर्तव्य पालन में हमारे रेलवे चिकित्सकों की रेल तथा राष्ट्र सेवा का अनुकरणीय उदाहरण है ।