संघर्ष से ही युवा महिला शक्ति समाज को नई दिशा दे सकती हैं डॉ नीति शास्त्री।
झाँसी।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तत्वाधान में डॉ ए .अरुणाचलम निदेशक केन्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान की अध्यक्षता एवं मुख्य आतिथ्य डॉ अलका सेठी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ,विशिष्ठ अतिथि डॉ नीति शास्त्री,पूर्व प्रधानाध्यापिका केंद्रीय विद्यालय झाँसी,उदिता गुप्ता,व्यवसाय उद्यमी,,सुमन कुशवाहा हरपुरा ग्राम प्रधान विशिष्ठ आतिथ्य में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मनाया गया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ नीति शास्त्री ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओ को मातृशक्ति का दर्जा दिया क्योंकि आपमें क्षमताएं अधिक होने के कारण आप कभी भी हार नही मानती हैं।माँ, बेटी बहन बहू सभी रूप में अपना दायित्वों को निभाना आता हैंवही समाज मे नयी दशा एवं दिशा दे सकती हैं। डॉ अलका सेठी ने महिलाओं को स्वास्थ्य ,स्वच्छता के प्रति सचेत कर समाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाती है, ग्रामप्रधान सुमन कुशवाहा ने अपने अनुभवों में अपनी विकास यात्रा में आई समस्याओ का व्याख्यान कर उनसे निपटने का नाम ही संघर्ष बताया।
उदिता गुप्ता ने उद्यमी व्यवसाय से जुड़ी कड़ी में बताया कि समाज की बेड़ियों को काट कर जीवन मे सफलता पाई जा सकती हैं।
डॉ ए. अरुणाचलम संस्थान के निदेशक ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि लैंगिक समानता और महिलाओं के विकास के लिए हमे प्रकृति के अनुकूल बनाने की जरूरत हैं, जिससे हम अपने आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित कर सके।
कार्यक्रम के शुभारंभ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कुल गीत से हुआ उक्त आयोजन में ग्राम हरपुरा की लगभग 15 महिलाओं ने सहभागिता निभाई।कार्यक्रम में आये अतिथियों का स्वागत डॉ अलका भारती द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रियंका सिंह ने किया।अंत मे धन्यवाद प्रस्ताव डॉ आशाज्योति ने किया।