*झांसी जनपद के अंबाबाय मेंआज दिनांक 6 मार्च 2021 को गांधी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी अंबाबाय झांसी में महिला सशक्तिकरण रिपोर्ट :- प्रदीप*
*झांसी जनपद के अंबाबाय मेंआज दिनांक 6 मार्च 2021 को गांधी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी अंबाबाय झांसी में महिला सशक्तिकरण रिपोर्ट :- प्रदीप*
महिला सशक्तिकरण के उपलक्ष में महिलाओं में शिक्षा स्वास्थ्य चिकित्सा संबंधी जानकारी हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की करीब डेढ़ सौ जिसमें अधिकांश समाजसेवी महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने विचारों को रखा इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कालेज के निदेशक इंजीनियर जय श्री साहू ने दो पंक्तियों के साथ संबोधित करते हुए कहा की स्कूटर पर बेटी होगी मां के साथ सवार तभी सशक्तिकरण का सपना होगा साकार आगे कहा कि राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण नीति 2001 का परिचय करते हुए कहा कि जेंडर समानता का सिद्धांत भारतीय संविधान की प्रस्तावना मौलिक अधिकार मौलिक कर्तव्य और नीति निदेशक सिद्धांतों में प्रतिपादित है संविधान में महिलाओं को ना केवल समानता का दर्जा प्रधान किया अपितु राज्य को महिलाओं के पक्ष में सकारात्मक भेदभाव के उपाय करने की शक्ति भी प्रदान करता है इस मौके पर अचानक शामिल हुए महाविद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंध संचालक डॉक्टर एसके साहू ने कहा की महिला सशक्तिकरण से जुड़े सामाजिक आर्थिक राजनीतिक और कानूनी मुद्दों पर संवेदनशीलता और सरोकार व्यक्त किया जाता है लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के ढांचे के अंतर्गत हमारे कानूनों विकास संबंधी नीतियों योजनाओं और कार्यक्रमों के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के उन्नति को उद्देश्य बनाया गया है पांचवी पंचवर्षीय योजना 1974 78 मैं महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति कल्याण की बजाय विकास का दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीमती हेमलता मौर्या ने कहा भारत में महिलाओं के सामान अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अभी समय और मानवाधिकारों लिखतो की भी पुष्टि की है कॉलेज के कोआर्डिनेटर डॉ आर के बौद्ध ने कहा की इस नीति का लक्ष्य महिलाओं की उन्नति विकास और सशक्तिकरण करना है अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जेपी सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक रूढ़िवादी सोच और घरेलू तथा समाज के स्तर पर हिंसा इसके कुछ अन्य रूप हैं बालिकाओं किशोरियों तथा महिलाओं के प्रति भेदभाव भारत में अनेक भागों में जारी है सशक्तिकरण के उद्देश्य को पूरा करने में एक प्रमुख वर्ष 1993 मैं महिलाओं के प्रति सभी प्रकार के भेदभाव की समाप्ति पर अभिसम्य सीए डीए डब्लू की पुष्टि है इस अवसर पर उपस्थित खासतौर से करारी ग्राम की महिलाएं जिनमें सलोनी अंशु माही भूमि मेरे गांधी हिमांशी सरोज सपना नैना मंजू लगभग डेढ़ सौ महिलाओं ने भाग लिया और इन्हें समस्त समाजसेवी महिलाओं का महाविद्यालय के निदेशक के द्वारा साल श्रीफल घड़ी बैग आदि से सम्मानित किया गया मौके पर महाविद्यालय स्टाफ गोपेश शर्मा ,संतोष सेन, श्रीमती विनीता अग्रवाल ,श्रीमती पूनम सिंह ,भावना राजपूत , वीके अग्निहोत्री, श्रीमती राजकुमारी, संजय कुमार ,राहुल कुमार ,रोहित कुमार ,अभिषेक वर्मा, बृजेंद्र, राजेश ,आबिद खान एवं महाविद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।