*जालौन में अपने दुर्भाग्य को कोसते बाल- मजदूर :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*
जालौन:-प्रदेश सरकार ने बाल श्रम रोकने के लाख प्रयास किये पर बाल मजदूर प्रथा का प्रचलन सा आ गया है।जनपद जालौन में जगह जगह बाल मजदूर काम करते नजर आ जायेंगे।जिस उम्र में हाथो में पेन और किताब होना चाहिए था उस उम्र में बच्चों के हाथों में जूठी थाली, तो कही प्लास और पेंचकस या फिर होटलो पर थाली परोसते और लोगो की जूठन साफ करते नजर आएंगे।जालौन में तो मानो बाल मजदूरी का क्रेज आ गया है।जालौन, उरई , कोंच,कस्बे में सेकड़ो की संख्या में दुकानों ,होटलो,और चाय की दुकानों पर ये बाल मजदूर अपने दुर्भाग्य को कोसते हुए काम मे लगे रहते है। इसका प्रमुख कारण बच्चों को थोड़ी सी मजदूरी देकर पूरा दिन काम करवाते है।जब झाँसी दर्शन के संबाददाता ने बाल मजदूरों से बात करने की कोशिश की तो बाल मजदूर की भय के कारण आवाज नही निकली ज्यादा पूछने पर मजदूर इधर उधर भाग खड़े हुए।अब बड़ा सवाल यह है कि इन नोनिहालो को न्याय कौन दिलाएगा।