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*देवगुरु का उदय किन किन राशियों के लिए रहेंगे शुभ- ज्योतिर्विद संजय रावत :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*

*देवगुरु का उदय किन किन राशियों के लिए रहेंगे शुभ- ज्योतिर्विद संजय रावत :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*

देवगुरु बृहस्पति 14 फरवरी की रात्रि 11 बजकर 44 मिनट पर मकर राशि की यात्रा करते हुए पूर्व दिशा में उदय हो रहे हैं। ये 17 जनवरी को शायं 5 बजकर 50 मिनट पर पश्चिम दिशा में अस्त हुए थे। इनके उदय होने के शुभ प्रभावस्वरूप जिन जातकों की कुंडलियों में ये शुभ भाव में बैठे हुए थे, उनके लिए तो अच्छे परिणाम देंगे किंतु जिनकी जन्म कुंडली में अशुभ भाव में गोचर कर रहे हैं उन्हें कुछ परेशान करेंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्चराशिगत एवं मकर राशि में नीचराशिगत संज्ञक माने गए हैं। सभी बारह राशियों के लिए इनके उदय होने का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करना आवश्यक होता है। यह बात ज्योतिर्विद पं. संजय रावत शास्त्री राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षिणी सेवा समिति ने कही।
पंडित संजय रावत ने बताया कि मेष राशि- इस राशि से कर्मभाव में उदय हुए बृहस्पति आपके लिए अच्छी सफलता दिलाने वाले सिद्ध होंगे। कार्य व्यापार में उन्नति होगी।रोजगार के दिशा में किए गए सभी प्रयास सार्थक रहेंगे। कई दिनों से जो कार्य रुका हुआ था वह सुचारू रूप से चलेगा और नई योजनाएं भी क्रियान्वित होंगी। उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनाए रखें। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। उंन्होने बताया वृषभ राशि से भाग्य भाव में बृहस्पति के उदय होने का अर्थ है कि आपके भाग्य का उदय हो जाना क्योंकि, इनका नीच भंग योग है इसीलिए इनका जो गोचर प्रभाव आपको नुकसान देने वाला था वही लाभ में परिवर्तित हो जाएगा। धर्म-कर्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सार्थक रहेगा।व्यापारियों के लिए भी इनका प्रभाव अति अनुकूल रहेगा। उन्होंने बताया कि मिथुन राशि-राशि से अष्टम भाव में बृहस्पति के उदय होने के फलस्वरूप कई तरह के अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। दांपत्य जीवन सुचारू रूप से चलाने के लिए नई नई चुनौतियों आएंगी। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए पारिवारिक जीवन में विवाद न पैदा होने दें। व्यापारीवर्ग को साझा व्यापार करने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। कोर्ट कचहरी से जुड़े मामले भी बाहर ही सुलझाएं। पंडित संजय रावत ने बताया कि कर्क राशि से सप्तमभाव में बृहस्पति के उदय होने का अर्थ है आपके भाग्य का उदय हो जाना इसलिए जो भी कार्य करना चाहेंगे उसी में सफलता मिलेगी।शादी-विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी।दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी।व्यापारी वर्ग के लिए समय और अनुकूल रहेगा।केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतिक्षित कार्यो का निपटारा होगा।नौकरी में भी पदोन्नति तथा नए अनुबंध की प्राप्ति के योग।सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सिंह राशि से छठे शत्रुभाव में बृहस्पति के उदय होने से कई तरह के मिले-जुले फल मिलेंगे।गुप्त शत्रु तो बढ़ेंगे किंतु, नौकरी के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा।विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को अच्छी सफलता के लिए और कठिन प्रयास करने होंगे। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है।नवदंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।प्रेम संबंधी मामलों में कुछ उदासीनता रहेगी।इसलिए कार्य पर ही ध्यान दें। उन्होंने बताया कि कन्या राशि से पंचम भाव में बृहस्पति के उदय होने के प्रभाव स्वरूप आपकी कामयाबी या बुलंदी पर रहेंगी। आय के साधन बढ़ेंगे। रुका हुआ धन भी आएगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं बड़े भाइयों से मत भेद न पैदा होने दें।विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए और बड़ी सफलता हासिल हो इसके लिए कठिन प्रयास करें। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग। तुला राशि से चतुर्थभाव में बृहस्पति के उदय होने का फल काफी मिलाजुला रहेगा। हो सकता है किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना भी करना पड़े गुप्त शत्रु बढ़ सकते हैं। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी उलझ सकते हैं। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति अधिक चिंतनशील रहें। योजनाओं को गोपनीय रखें और जबतक पूर्ण ना हो जाए उसे सार्वजनिक ना करें। उन्होंने बताया कि वृश्चिक राशि से पराक्रमभाव में बृहस्पति के उदय होने के प्रभावस्वरूप सभी विषम परिस्थितियों से मुक्ति मिलेगी। साहस पराक्रम की वृद्धि होगी। आपके द्वारा लिए गए निर्णय तथा किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। धर्म एवं अध्यात्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया आवेदन सफल रहेगा। संतान संबंधी चिंता भी दूर होगी। छोटे भाइयों से मतभेद या पारिवारिक अलगाव बढ़ने न दें। धनु राशि से धनभाव में बृहस्पति के उदय होने से आपका आर्थिक एवं सामाजिक पक्ष बहुत मजबूत होगा। जो भी सुझाव देंगे उसे गंभीरता से सुना और लागू किया जाएगा।दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। अपने कुशल नेतृत्व एवं वाणी कुशलता के बलपर कठिन से कठिन हालात को भी नियंत्रित कर लेंगे। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए भी समय अति अनुकूल रहेगा। मकर राशि में बृहस्पति के उदय होने के प्रभावस्वरूप आप स्वयं को ऊर्जावान महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। व्यापारियों के लिए यह संयोग और भी अनुकूल रहेगा इसलिए कोई भी नया कार्य आरंभ करना चाहें अथवा नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो उस दृष्टि से भी अवसर अच्छा है। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए भी समय बेहतर रहेगा। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। उन्होंने बताया कि कुंभ राशि से व्यय भाव में उदय हुए गुरु का प्रभाव आपके लिए काफी मिलाजुला रहेगा। समाज सेवा एवं मांगलिक कार्यों पर अधिक खर्च होगा जिसके प्रभावस्वरूप आर्थिक तंगी भी आ सकती है। विदेश यात्रा के लिए वीजा का आवेदन करना चाहें तो अवसर अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति भी चिंतनशील रहें। विवादों से दूर ही रहें, कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे।मीन राशि-राशि से लाभ भाव में बृहस्पति के उदय होने का अर्थ है आपके लाभ मार्ग का प्रशस्त हो जाना। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। विद्यार्थियों को परीक्षा-प्रतियोगिता में अच्छी सफलता मिलेगी।संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग। व्यापारियों के लिए भी समय किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए अपनी ऊर्जाशक्ति का पूर्ण उपयोग करें और कार्य में लगे रहें।

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