अमान्य विद्यालयों पर कार्यवाही से अभिभावकों में आया उबालः रिपोर्ट- नेहा वर्मा
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
हमीरपुर जनपद के सरीला क्षेत्र में शिक्षा विभाग द्वारा अमान्य विद्यालयों पर नकेल कसी जा रही है। इन विद्यालयों पर कार्यवाही से हजारों छात्र छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिससे आक्रोशित सैकड़ों अभिभावकों ने विधायक मनीषा अनुरागी को ज्ञापन सौंपते हुए समस्या के निदान की मांग उठाई।
स्वामी ब्रम्हानंद स्वाभिमान सेवा संस्थान के अध्यक्ष हरचरन फौजी के नेतृत्व में लोधीपुरा, पवई, जरिया, बसरिया, जमखुरी, चंडौत, इटैलिया, त्योतना, बरहरा, धगवां, इछौरा सहित दो दर्जन गांव के ग्रामीणों ने विधायक मनीषा अनुरागी को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर बदहाल है। यह विद्यालय सिर्फ मध्याहन भोजन पकाने व खिलाने के कार्य में लगे हुए हैं। सरकारी कर्मचारी व अधिकारी अपने बच्चों को मंहगे प्राइवेट व कान्वेंट स्कूल में शिक्षा दिलाते हैं। जबकि ग्रामीण गांव में संचालित प्राइवेट विद्यालयों में शिक्षा दिलाकर अपने बच्चों का भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं। बताया कि सरकारी स्कूलों में नामांकन संख्या कम होने पर अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने व सरकारी विद्यालयों का नामांकन बढ़ाने के लिये प्राइवेट स्कूल बंद कर ग्रामीणों को सरकारी स्कूल के लिये बाध्य कर रहे है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी अमला अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में शिक्षा दिलाये। किन्तु अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने लगें तो शिक्षा की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार हो सकता है। अभिभावकों ने उक्त नियम को कड़ाई से लागू किये जाने की मांग उठाई।