राठ/हमीरपुर – प्रदेश की योगी सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर लगाम नहीं लग पा रही है। खनन माफिया स्थानीय पुलिस प्रशासन व कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में बेखौफ होकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। रात के अंधेरे में इस अवैध खनन की बालू से भरे टै्रक्टर ट्रालियां रात भर नगर व क्षेत्र की सड़कों पर फर्राटा भरते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। किन्तु स्थानीय पुलिस प्रशासन इस सब पर रोक लगाने के प्रति उदासीनता बरत रही है।
प्रदेश की योगी सरकार कहीं भी अवैध खनन नहीं होने देने का दावा ठोक रही है। किन्तु उसके इस दावे की राठ क्षेत्र में खुलेआम हवा निकाली जा रही है। क्षेत्र की नौहाई ग्राम पंचायत के मजरा बरौली से निकली वर्मा नदी के घाट से दिनरात अवैध खनन हो रहा है। सूर्य डूबने से सूर्र्योदय तक टै्रक्टर ट्रालियों से तथा सूर्य उदय होते ही बैल गाड़ियों की कतार नदी की तलहटी पर देखने को आसानी से मिल जाती है। टै्रक्टर ट्रालियों, बैल गाड़ियों तथा ई रिक्सा के माध्यम से अवैध खनन की बालू ढोकर आसपास के गांवों में मंहगे दामों पर बेची जा रही है। बैल गाड़ियों व ई रिक्सा से बालू ढोने वालों से यदि कोई पूंछता है तो इनका जबाब होता है कि शौचालय निर्माण के लिये बालू ले जाई जा रही है। किन्तु लोगों की समझ से यह बाहर की बात है कि एैसा कौन सा शौचालय है जिसका निर्माण कार्य महीनों से चल रहा है जो अभी तक पूरा नहीं हुआ। बताया जाता है कि एक गाड़ी में करीब पांच से आठ बोरी बालू आसानी से आ जाती है। जिन्हें बेच कर यह खनन माफिया अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इस खनन की मलाई में स्थानीय पुलिस व प्रशासन भी हिस्सेदार बताया जाता है। यदि लोगों की मानें तो प्रत्येक ट्राली के हिसाब से स्थानीय पुलिस प्रशासन अपना हिस्सा लेता है। क्षेत्र के रौरो, कैंथा, बरौली, मवई, गढ़हर, कुछेछा, सरगांव, इस्लामपुर आदि स्थानों पर भी अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है।
ग्रामीण एडिटर ब्यूरो धीरेन्द्र रायकवार