शनिदेव 23 मई को निर्धारित समय पर मकर राशि में हो रहे हैं वक्री- पं.विनय कृष्ण
पंचांग के अनुसार शनि 23 मई 2021 रविवार को दोपहर 2 बजकर 53 मिनट पर मकर राशि में वक्री हो रहे हैं। 11 अक्टूबर 2021 सोमवार को प्रात: 7 बजकर 44 मिनट पर शनि मकर राशि में मार्गी होंगे। पूरे 141 दिन वक्री रहंगे । यह जानकारी भागवताचार्य/ज्योतिषाचार्य विनय कृष्ण त्रिपाठी भैया जी ने कही। उन्होने बताया कि इस बीच कार्य क्षत्र में बढ़ोतरी होगी लेकिन शनि चंद्रमा के नक्षत्र श्रवण में वक्री हो रहे इस कारण मानसिक चिंताएं भी बढ़ेगी तूफान ,भूकम्प तेज हवाएं चलना ओर बीमारी ( सक्रमण )का भय भी रहेगा यदि शनि आपकी कुंडली में शुभ स्थान पर बैठा हुआ है तो वक्री शनि की अवधि भी आपको शुभ फल देगी। विनय कृष्ण त्रिपाठी भैया जी ने बताया कि इस दौरान यदि शनि आपको शुभ फल देने की स्थिति में है तो वक्री शनि के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सफलता, किसी निवेश आदि से मुनाफा इत्यादि हो सकता है। वहीं शनि यदि कुंडली में अशुभ फल देने की स्थिति में बैठा हो तो शनि वक्री के दौरान आपको , कार्य में विलंब, नौकरी में परेशानी, निवेश में घाटा, व्यापार में घाटा इत्यादि समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल 2020 में शनि 11 मई 2020 से 29 sept 2020 तक सूर्य के नक्षत्र में वक्री रहे थे सूर्य आत्मा और जीव का कारक है स्थितियां विकट भी हुई आत्मिक पीड़ा झेलनी पड़ी लेकिन भय इस बीच कम भी हुआ । इस बार का वक्री काल चंद्रमा के नक्षत्र में है मानसिक संताप भी दे सकता है। इसके लिए आप की कुंडली मे शनि स्थिति निर्भर करेगी, की शनि का ये वक्री काल आप के लिए कैसे रहेगा।