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*विपत्ति में जो साथ दे वही सच्चा मित्र – सागर कृष्ण शास्त्री :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*

*विपत्ति में जो साथ दे वही सच्चा मित्र – सागर कृष्ण शास्त्री :-रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी, जालौन*

अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षिणी सेवा समिति के तत्वाधान में श्री महाकालेश्वर महाराज मन्दिर (नायक का मठ) कोंच में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिर्विद पं. संजय रावत शास्त्री जी के संयोजन में चल रही श्री मद्भागवत कथा के आप सप्तम दिवस की कथा सुनाते हुए बताया कि सांसारिक प्रपंचों में फंसी जीव को युवावस्था में ही अपनी गति सुधार लेनी चाहिए अन्यथा की स्थिति में ना सिर्फ यह लोक बल्कि परलोक की गति भी नष्ट हो जाएगी यह बात कथा में पंडित सागर कृष्ण शास्त्री जी कहते हैं कथाएं जीवन के प्रत्येक मोड़ को संभाल कर जीव को कल्याण का रास्ता दिखाती है इसलिए व्यक्तिगत सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में मर्यादित आचरण का धर्म पूर्वक पालन किया जाए तो जीवन की उन्नति एवं कल्याण होगा तभी कहते हैं कि दुख में तन मन धन से जो साथ निभाए वही सच्चा मित्र होता है मित्रता में स्वार्थ नहीं होना चाहिए जहां भी स्वार्थ की भावना होगी वही सही मायने में मित्रता हो ही नहीं सकती श्री व्यास जी ने कहा भगवान श्री कृष्ण के बचपन के मित्र सुदामा ब्राह्मण सुबह से शाम तक भजन पूजा कर भगवान की भक्ति में लीन रहते थे उनके घर में गरीबी का आलम यह था कि कई दिन तक भोजन नहीं मिलता था उनकी पत्नी सुशीला ने सुदामा से अपने बचपन के मित्र श्री कृष्ण के पास जाने को कहा तो सुदामा अपने मित्र के यहां पहुंचे भगवान श्री कृष्ण ने गले से लगाकर उन्हें पूरा सम्मान दिया और धन में बहुत से पूर्ण किया उनकी मित्रता को लोग आज भी याद करते हैं ।
पूजा पाठ पं. सुधाकर चतुर्वेदी, पं. अनुज मिश्र शास्त्री, संदीप शांडिल, कपिल शर्मा, राजेश तिवारी (छोटू) के द्वारा सम्पन्य कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की व्यवस्था में महाकालेश्वर मन्दिर के प्रबन्धक गोविन्द शुक्ला के साथ आनन्द मिश्र, कैलाश अग्रवाल राठ वाले, सचिन शुक्ला, आनन्द शर्मा अखिल, छुट्टन शर्मा, कुक्कू यागिक, रानू पाटकर एवम सत्यम शुक्ला के साथ उनकी समस्त मित्र मण्डली लगी हुई हैं।

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